मुर्शिदाबाद के इकबाल की अनूठी दास्तान
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। बेलडांगा निवासी इकबाल नामक युवक एक ऐसी रहस्यमयी और दर्दनाक बीमारी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसका जीवन पूरी तरह से बदल गया था। उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे हर पल पानी के भीतर ही रहना पड़ता था। जैसे ही वह पानी की सतह से बाहर आता, उसके पूरे शरीर में आग जैसी भीषण जलन महसूस होती थी। इस असहनीय दर्द से बचने के लिए उसने एक तालाब को ही अपना स्थायी घर बना लिया था, जहाँ वह अपना अधिकांश समय व्यतीत करता था।
गरीबी और बीमारी का दोहरा मार
इकबाल का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। बहुत कम उम्र में ही उसने अपने सिर से पिता का साया खो दिया था। गरीबी और तंगहाली के बीच पले-बढ़े इकबाल के लिए जीवन में संकट तब और बढ़ गया जब उसे यह अजीबोगरीब शारीरिक समस्या हुई। बीमारी के शुरुआती दिनों में ही उसे समझ आ गया था कि सामान्य जीवन जीना उसके लिए मुमकिन नहीं है। जैसे ही वह तालाब से बाहर कदम रखता, उसकी त्वचा पर जलन की लहरें दौड़ जाती थीं। ठंडक पाने का इकलौता विकल्प केवल पानी ही था, जिसकी वजह से वह तालाब के 20 से 25 फीट गहरे हिस्से को छोड़कर कहीं नहीं जा पाता था।
खतरों के बीच तालाब में गुजारी जिंदगी
इकबाल के लिए तालाब में रहना किसी शौकिया गतिविधि का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह उसके जीवित रहने की मजबूरी थी। यह स्थिति और भी भयावह थी क्योंकि वह तालाब सांपों, बिच्छुओं और कई अन्य जहरीले कीट-पतंगों से भरा हुआ था। इन जानलेवा जीवों के बीच रहते हुए भी उसके पास बाहर आने का कोई रास्ता नहीं था। आसपास के लोगों के लिए यह दृश्य कौतूहल और चिंता का विषय था कि एक इंसान पानी के भीतर इतने लंबे समय तक कैसे जीवित रह सकता है। वास्तव में, वह तालाब ही था जिसने उसे उस जानलेवा जलन से सुरक्षा प्रदान की थी।
मुंबई में मिला इलाज का सहारा
जब इकबाल का यह मामला स्थानीय मीडिया के जरिए सुर्खियों में आया, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों की नजर इस पर पड़ी। इकबाल की दयनीय स्थिति को देखते हुए रिलायंस की टीम ने मदद का हाथ बढ़ाया। चूंकि इकबाल के परिवार के पास इतने महंगे इलाज का कोई साधन नहीं था, इसलिए रिलायंस की टीम ने उसे मुंबई ले जाने की जिम्मेदारी उठाई। उसे एयरलिफ्ट और अन्य परिवहन साधनों के जरिए मुंबई स्थित रिलायंस हॉस्पिटल पहुँचाया गया, जहाँ उसके बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई।
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा उपचार
मुंबई के विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम इकबाल की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही है। डॉक्टरों का मानना है कि यह समस्या किसी गंभीर जेनेटिकल विकार या हार्मोनल असंतुलन का परिणाम हो सकती है। चूंकि पश्चिम बंगाल में ऐसे उन्नत परीक्षण उपलब्ध नहीं थे, इसलिए यहाँ अस्पताल में उसके विभिन्न क्लीनिकल टेस्ट किए जा रहे हैं। डॉक्टरों की पूरी टीम उसे 24x7 ऑब्जर्वेशन में रखकर उसकी हर गतिविधि और स्वास्थ्य में आने वाले बदलावों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
सुधार की ओर इकबाल के कदम
उपचार शुरू होने के बाद से ही इकबाल की सेहत में सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद उसकी हालत में काफी सुधार है और वह अब पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रहा है। अस्पताल की देखरेख में वह अब सामान्य भोजन लेने लगा है और लोगों के साथ बातचीत करने की स्थिति में भी आ गया है। इकबाल की मां कामिरन बीबी ने इस सुधार पर खुशी जाहिर की है। डॉक्टरों को पूरी उम्मीद है कि समय के साथ इकबाल पूरी तरह ठीक हो जाएगा और एक सामान्य इंसान की तरह जीवन व्यतीत करेगा। हाल ही में उसके परिवार के सदस्यों ने उससे अस्पताल में मुलाकात की और उसे एक काला चश्मा (ब्लैक सनग्लासेस) भेंट किया, जिससे उसकी खुशी और बढ़ गई।
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