समंदर से उठी विनाशकारी आफत
प्रकृति का रौद्र रूप एक बार फिर दुनिया के सामने है। इस साल दुनिया के कई हिस्सों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन कुदरत का यह खौफनाक मंजर अभी थमा नहीं है। समंदर के भीतर से एक और विनाशकारी बवंडर उठ खड़ा हुआ है, जिसने जापान के कई तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। चक्रवाती तूफान क्रोवान्ह के दस्तक देते ही आसमान से ऐसी आफत बरसी कि लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई क्षेत्रों में मौसम ने रातों रात ऐसा करवट बदला कि महज एक घंटे के भीतर 110 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिसने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल यह तूफान जापान के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही का कारण बन रहा है।
जापान में मची खलबली
रविवार, 6 सितंबर को जापान के कई इलाकों में इस तूफान ने भयावह दस्तक दी, जिसके बाद चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में इजू द्वीप समूह और हाचिजोजीमा शामिल हैं। यहाँ की स्थितियां किसी डरावने सपने से कम नहीं हैं, जहाँ अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह ठप्प कर दिया है। जापान के मौसम विभाग ने खतरे की चेतावनी जारी करते हुए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं क्योंकि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समंदर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान क्रोवान्ह ने आकार लिया। इसके बाद मौसम की एक अन्य प्रणाली के सक्रिय होने से इस तूफान की तीव्रता कई गुना बढ़ गई। रविवार को जब लोग अपने घरों के भीतर थे, तब अचानक मौसम ने अपना मिजाज बदला और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। तूफान के आने की गति इतनी तीव्र थी कि स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का पर्याप्त समय भी नहीं मिल सका। जैसे-जैसे यह तूफान तट के करीब पहुँचा, हवाओं की गति प्रचंड हो गई और बादलों की गर्जना के साथ बारिश का कहर और तेज हो गया। निचले इलाकों की सड़कों पर पानी का सैलाब बहने लगा, जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
हाचिजोजीमा में बरपा रिकॉर्ड बारिश का कहर
इस आपदा का सबसे विकराल रूप दक्षिणी इजू द्वीप समूह के हाचिजोजीमा इलाके में देखने को मिला है। शनिवार रात से ही यहाँ रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी था, लेकिन रात बीतने के साथ मौसम ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया। रविवार तड़के आसमान में इतने घने और काले बादल छा गए कि मानो दिन के उजाले में ही अंधेरा पसर गया हो। जापान की मौसम एजेंसी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, हाचिजोजीमा में केवल एक घंटे के भीतर लगभग 110 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह बारिश इतनी अधिक और तेज थी कि पानी की निकासी के लिए बने सभी आधुनिक इंतजाम पूरी तरह विफल साबित हुए। पक्के रास्ते, खेत और गलियाँ सब कुछ जलमग्न हो गए हैं। मौसम विज्ञान के नजरिए से, एक घंटे में इतनी अधिक बारिश होना बेहद खतरनाक और चिंताजनक माना जाता है, क्योंकि इतने कम समय में इतनी भारी जलराशि बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।
हवाओं का तांडव और समुद्र का उफान
तूफान क्रोवान्ह केवल मूसलाधार बारिश ही नहीं लाया है, बल्कि इसके साथ आने वाली तेज हवाओं और समुद्र की उफनती लहरों ने लोगों में भारी दहशत पैदा कर दी है। तटीय क्षेत्रों में चल रही तूफानी हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक है कि सड़क किनारे लगे पेड़, बिजली के खंभे और विज्ञापन के होर्डिंग्स तक उखड़ने की कगार पर पहुँच चुके हैं। समुद्र में कई मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं, जो तटों को नुकसान पहुँचा रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रकार की जहाजरानी, बोटिंग और मछली पकड़ने की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। बंदरगाहों पर खड़े जहाजों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखा गया है ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके। तट के नजदीक रहने वाले लोगों को तुरंत अपने घर खाली करने और सुरक्षित सरकारी शेल्टरों में शरण लेने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
हाचिजोजीमा और उसके आसपास के क्षेत्रों में हालात की गंभीरता को समझते हुए जापान के मौसम विभाग ने रिकॉर्ड शॉर्ट-टर्म हैवी रेन एडवाइजरी जारी की है। सरल शब्दों में कहें तो यह चेतावनी तब दी जाती है जब किसी विशिष्ट छोटे भौगोलिक क्षेत्र में बहुत कम समय के भीतर ऐसी अभूतपूर्व बारिश हो जाए जो दशकों में एक बार देखने को मिलती है। इस एडवाइजरी का सीधा अर्थ होता है कि क्षेत्र में कभी भी अचानक बाढ़ आ सकती है, नदियाँ अपने किनारों को तोड़ सकती हैं और पहाड़ों से मिट्टी का कटाव होकर बस्तियों पर गिर सकता है। इस अलर्ट के जारी होते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
भूस्खलन और बाढ़ का दोहरा खतरा
जापान की भौगोलिक बनावट के कारण यहाँ भारी बारिश के साथ पहाड़ों से भूस्खलन होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इजू द्वीप समूह और हाचिजोजीमा में कई बस्तियां और मकान पहाड़ियों की ढलान पर बसे हुए हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी मिट्टी ढीली पड़ गई है, जिससे कभी भी बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हो सकता है। प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों के निवासियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। दमकल विभाग, बचाव दल और कोस्ट गार्ड को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभिन्न स्थानों पर शेल्टर होम खोल दिए गए हैं ताकि बाढ़ या भूस्खलन से प्रभावित होने वाले नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
अगले 48 घंटे बेहद नाजुक
मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान क्रोवान्ह का प्रभाव अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले 24 से 48 घंटे इस क्षेत्र के लिए बेहद मुश्किल रहने वाले हैं। चूंकि बारिश कराने वाला सिस्टम अभी भी एक ही स्थान पर स्थिर है, इसलिए निरंतर बारिश जारी रहने की प्रबल आशंका बनी हुई है। जापान सरकार और आपदा प्रबंधन की टीमें पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वैज्ञानिकों का स्पष्ट रूप से कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते समुद्री सतह का तापमान बढ़ रहा है, जो इस तरह के शक्तिशाली तूफानों की तीव्रता बढ़ा रहा है। अब ये तूफान बहुत कम समय में भारी तबाही मचाने में सक्षम हो गए हैं। फिलहाल, इजू द्वीप समूह और जापान के पूर्वी तटीय इलाकों के निवासियों के लिए समय बहुत नाजुक है।
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