प्रशांत महासागर में खौफनाक मंजर
इस समय प्रशांत महासागर का इलाका प्राकृतिक आपदा के बेहद भयावह दौर से गुजर रहा है। समुद्र की लहरों के बीच एक साथ तीन-तीन शक्तिशाली तूफान करीना, लोवेल और मेरी अपना कहर बरपा रहे हैं। पिछले एक दशक के दौरान यह पहला मौका है जब प्रशांत महासागर ने एक साथ तीन तूफानों को अपने आगोश में ले रखा है। इन तूफानों की वजह से न केवल समुद्री हलचल तेज हुई है, बल्कि मैक्सिको और अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य तक तबाही की आहट साफ सुनी जा सकती है। इस व्यापक सक्रियता के पीछे मुख्य वजह एल नीनो को माना जा रहा है, जिसके जल्द ही रिकॉर्ड स्तर तक मजबूत होने की आशंका विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है।
सबसे घातक साबित हो रहा है लोवेल
इन तीनों तूफानों में हरिकेन लोवेल को सबसे अधिक खतरनाक माना गया है। वर्तमान में यह कैटेगरी-4 का एक अत्यंत शक्तिशाली तूफान बना हुआ है, जिसकी अधिकतम रफ्तार 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लोवेल की यह विनाशकारी क्षमता आने वाले कई दिनों तक बरकरार रह सकती है। इसके प्रभाव से हवाई के तटीय इलाकों में समुद्र की ऊंची और जानलेवा लहरें उठने की संभावना है। साथ ही रिप करंट और समुद्र की खतरनाक सर्फ स्थितियों के कारण स्थानीय निवासियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से पश्चिमी हवाई द्वीपों के लिए जल्द ही ट्रॉपिकल स्टॉर्म वॉच की घोषणा भी की जा सकती है।
करीना और मेरी की वर्तमान स्थिति
हरिकेन करीना के संदर्भ में राहत की खबर यह है कि अब यह कमजोर पड़कर कैटेगरी-1 का तूफान रह गया है। शनिवार की सुबह तक यह हवाई के हिलो से करीब 800 मील पूर्व में स्थित था। इसकी गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई और यह 8 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि करीना आने वाले कुछ दिनों में पूरी तरह कमजोर हो जाएगा और अगले सप्ताह की शुरुआत तक इसके खत्म होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल इससे जमीन पर किसी बड़े नुकसान का खतरा नहीं है। वहीं, तीसरी कड़ी के रूप में हरिकेन मेरी भी कैटेगरी-1 के स्तर पर बना हुआ है। मेरी की अधिकतम रफ्तार 140 मील प्रति घंटे मापी गई है और यह 14 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से कैलिफोर्निया की तरफ बढ़ रहा है, हालांकि इसे भी जल्द कमजोर होने की उम्मीद है।
चौथे तूफान की आहट
अब मौसम विभाग की सबसे बड़ी चिंता समुद्र में उभर रहे एक नए सिस्टम को लेकर है, जो दक्षिण-पश्चिमी मैक्सिको के तट से दूर स्थित है। यह संभावित सिस्टम 10 से 15 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों ने इसके तूफान बनने की संभावना 60 प्रतिशत बताई है। यदि यह सिस्टम पूरी तरह विकसित होता है, तो इसे नॉर्बर्ट नाम दिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने वैज्ञानिकों को साल 2015 की याद दिला दी है, जब किलो, इग्नासियो और जिमेना नाम के तीन कैटेगरी-4 हरिकेन एक साथ सक्रिय हुए थे।
एल नीनो और जलवायु पर प्रभाव
प्रशांत महासागर में तूफानों की यह असामान्य सक्रियता ग्लोबल वार्मिंग और एल नीनो के बढ़ते असर का सीधा नतीजा मानी जा रही है। तटीय शहरों में पहले ही इन तूफानों का असर देखा जा रहा है, जहाँ ऊंची लहरों ने समुद्री किनारों को नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों तक स्थिति पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि चौथे संभावित तूफान की तीव्रता का सही आकलन किया जा सके।
https://hindi.news18.com/world/america-three-storms-wreak-havoc-simultaneously-pacific-a-fourth-is-looming-10811808.html