थाईलैंड के पटाया में अमेरिकी नौसैनिकों का हंगामा, USS अब्राहम लिंकन से जुड़े विवाद पर प्रशासन सख्त

समुद्र में 286 दिन बिताने के बाद थाईलैंड पहुंचे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के नाविकों ने पटाया में शराब के नशे में विवाद खड़ा कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें जहाज पर ही रहने का आदेश दे दिया है।

पटाया में अमेरिकी नौसैनिकों का विवादित व्यवहार

अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन जब लंबे समय तक समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड के पटाया पहुंचा, तो उम्मीद की जा रही थी कि सैनिक यहां आराम करेंगे। हालांकि, बंदरगाह पर पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर स्थिति बिगड़ गई। पटाया की प्रसिद्ध वाकिंग स्ट्रीट के नजदीक दो अमेरिकी नाविक नशे की हालत में आपस में उलझते हुए पाए गए। स्थानीय पुलिस के अनुसार, हालांकि इन नौसैनिकों ने थाईलैंड के किसी कानूनी नियम का उल्लंघन नहीं किया था, लेकिन उनके इस व्यवहार ने स्थानीय प्रशासन को असहज कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्हें उनके पांच दिन के पोर्ट स्टॉप के दौरान जहाज से बाहर निकलने की अनुमति न देने का फैसला लिया गया है और उन्हें जहाज पर ही वापस भेज दिया गया है।

सैनिकों पर पहले से लागू थी सख्त पाबंदियां

अमेरिकी और थाई अधिकारियों ने इस दौरे से पहले ही सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। चूंकी पटाया अपने नाइटलाइफ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है, इसलिए प्रशासन किसी भी संभावित विवाद को टालना चाहता था। करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिकों के लिए जमीन पर उतरने के दौरान कई नियम लागू किए गए थे, जिनमें प्रमुख थे:

  • सैनिकों को 'सोइ 6' इलाके में जाने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था, क्योंकि यह क्षेत्र अपने बार और नाइट क्लबों के लिए जाना जाता है।
  • थाई पुलिस ने सैनिकों को स्पष्ट रूप से सचेत किया था कि देश में वेश्यावृत्ति पूरी तरह गैरकानूनी है।
  • पटाया के मेयर पोरामासे न्गामपिचेस ने सैनिकों के आगमन से पहले रेड लाइट एरिया में संभावित गिरफ्तारियों की खबरों को सिरे से नकारा था।
  • शराब के अलावा सैनिकों को कैनेबिस (भांग) की दुकानों से दूर रहने के निर्देश दिए गए थे।
  • सुरक्षा कारणों और विवादों से बचने के लिए जेट स्कीइंग और पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों पर भी रोक लगा दी गई थी।

लंबे समुद्री सफर का तनाव और विवादों की पृष्ठभूमि

यह यात्रा केवल एक सामान्य तैनाती नहीं थी। USS अब्राहम लिंकन पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से निकला था। शुरुआत में इसकी योजना प्रशांत क्षेत्र और साउथ चाइना सी में छह महीने की तैनाती की थी। लेकिन फरवरी में ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियों के कारण इसे पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिया गया। बुधवार को जब यह थाईलैंड पहुंचा, तब तक यह जहाज लगातार 286 दिनों से समुद्र की लहरों पर था।

इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण जहाज पर मौजूद नौसैनिकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। अमेरिकी सांसदों ने जहाज पर खाने की गुणवत्ता, खराब शौचालय और सैनिकों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव के बारे में रिपोर्टों पर गंभीर चिंता जाहिर की थी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन चिंताओं को खारिज कर दिया था। इस बीच, एक नौसैनिक की पत्नी ने इस जहाज की परिस्थितियों को 'तैरती हुई लोहे की जेल' तक करार दिया था।

प्रशासन की कोशिश और भविष्य की स्थिति

पटाया के पुलिस प्रमुख कर्नल एनेक स्राथोंगयू के अनुसार, हालांकि नाविक नशे में थे और तेज शोर मचाकर विवाद कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने किसी कानूनी कार्रवाई से परहेज किया। फिर भी, अमेरिकी नौसेना ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। थाईलैंड में अमेरिकी सैनिकों का यह जमावड़ा वर्ष 1975 में साइगोन के पतन के बाद से वहां अमेरिकी सैन्यकर्मियों की सबसे बड़ी उपस्थिति मानी जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस झड़प के अलावा बाकी समय शांतिपूर्ण रहा है। थाई प्रशासन और अमेरिकी नौसेना दोनों इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 5,000 सैनिकों की मौजूदगी के दौरान कोई बड़ा विवाद न हो। USS अब्राहम लिंकन और उसका पूरा क्रू रविवार को थाईलैंड से वापस अमेरिका के लिए अपनी यात्रा शुरू करेगा। स्थानीय प्रशासन अब इस संक्षिप्त पोर्ट स्टॉप के दौरान और अधिक विवाद न होने की उम्मीद कर रहा है।

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