उज्जैन में बच्चों की अनूठी पहल, मिट्टी के गणेश से देंगे पर्यावरण बचाने का संदेश

उज्जैन में गणेश चतुर्थी के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाने के लिए 12 साल से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्कूली बच्चे स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चों की विशेष मुहिम

आगामी 14 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। शहर के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थी अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाने का हुनर सीख रहे हैं। इस आयोजन का मूल उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखना और प्रकृति के प्रति बच्चों में जिम्मेदारी की भावना जागृत करना है। बच्चे उत्साह के साथ मिट्टी को आकार देकर गणेश जी की मनमोहक मूर्तियां बना रहे हैं, ताकि विसर्जन के समय जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

12 वर्षों से निरंतर जारी है यह अभियान

उज्जैन के ढांचा भवन इलाके में स्थित मॉडल स्कूल में हाल ही में इस अभियान से जुड़ा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर एसपी प्रदीप शर्मा, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और समिति के सहसंयोजक जगदीश पांचाल ने बच्चों के साथ मिलकर मिट्टी की प्रतिमाएं बनाईं। वहां मौजूद छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। लोकमान्य तिलक गणेशोत्सव महाआयोजन समिति द्वारा पिछले 12 वर्षों से यह अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और शास्त्रोक्त पूजा परंपराओं को आधुनिक समय में प्रासंगिक बनाए रखना है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सराहा

कार्यक्रम के दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मिट्टी की प्रतिमा का उपयोग करना जल और पर्यावरण की रक्षा में एक बड़ा योगदान है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं अपने हाथों से बनाई गई गणेश प्रतिमा की स्थापना करना बच्चों में रचनात्मकता और प्रकृति प्रेम को विकसित करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाजार में मिलने वाली रासायनिक मूर्तियों के स्थान पर मिट्टी की मूर्तियां विसर्जन के बाद आसानी से पानी में घुल जाती हैं, जिससे जल प्रदूषण का खतरा न्यूनतम हो जाता है।

शहर के अन्य स्कूलों तक पहुंचेगा प्रशिक्षण

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अब शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी विस्तारित किया जा रहा है। इंदिरा नगर स्थित नूतन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी कार्यशाला का आगाज हो चुका है, जहाँ छात्राएं मिट्टी के गणेश बनाने की तकनीक सीख रही हैं। समिति का लक्ष्य है कि इस बार के गणेशोत्सव में अधिक से अधिक घरों में मिट्टी से बनी प्रतिमाएं स्थापित हों। विद्यार्थियों को सिखाया जा रहा है कि कैसे वे प्रकृति के अनुकूल तरीके से अपनी आस्था प्रकट कर सकते हैं। यह प्रयास उज्जैन वासियों के लिए एक मिसाल बन रहा है और आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के कई अन्य स्कूलों में भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे पर्यावरण सुरक्षा की इस मुहिम से जुड़ सकें।

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