मानसून के दौरान डोर मैट का चुनाव क्यों जरूरी है
बरसात का मौसम अपने साथ कई चुनौतियां लेकर आता है, जिसमें से एक है घरों में बारिश के पानी का प्रवेश। मानसून के दौरान अक्सर घर के मुख्य दरवाजे और चौखट के नीचे से पानी अंदर आने की समस्या काफी आम हो जाती है। यह न केवल आपके घर के फर्श को गंदा और फिसलन भरा बनाता है, बल्कि लगातार नमी के कारण घर के भीतर बदबू और फंगस पनपने का खतरा भी पैदा हो जाता है। ऐसे में एक सही डोर मैट न केवल आपके घर की शोभा बढ़ाता है, बल्कि पानी को रोकने में एक दीवार की तरह काम करता है। बोकारो के अनुभवी डोर मैट विक्रेता अरशद ने इस मानसून में अपने घर को सुरक्षित रखने के लिए कई व्यावहारिक और उपयोगी सुझाव दिए हैं।
रबर वाले डोर मैट का चुनाव है सबसे बेहतर
विशेषज्ञ अरशद का मानना है कि मानसून के दौरान घर के बाहरी हिस्से के लिए रबर से बने डोर मैट का चुनाव करना सबसे समझदारी का काम है। कपड़ों वाले मैट की तुलना में रबर मैट की बनावट ऐसी होती है कि वे पानी को जल्दी सोखते नहीं हैं, बल्कि उसे बाहर ही रोक लेते हैं। ये मैट काफी तेजी से सूखते हैं, जिससे इनमें नमी ठहरने की गुंजाइश कम होती है। इस खूबी के कारण इन पर फंगस और बदबू आने की समस्या न के बराबर रहती है। घर के बाहर रबर मैट बिछाने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि ये बाहर से आने वाले जूतों की गंदगी और नमी को घर के अंदर घुसने से प्रभावी रूप से रोक देते हैं।
मैट की मोटाई और गुणवत्ता का रखें ख्याल
डोर मैट खरीदते समय केवल उसके रंग और डिजाइन पर ध्यान न दें, बल्कि उसकी मोटाई भी जांचें। चौखट और फर्श के बीच की ऊंचाई के अनुसार सही मैट का चयन करना बहुत जरूरी है। अगर आपका मैट जरूरत के अनुसार थोड़ा मोटा है, तो वह बारिश के पानी को दरवाजे के नीचे से अंदर आने से रोकने में काफी कारगर साबित हो सकता है। हालांकि, यहां सावधानी बरतनी जरूरी है। मैट इतना अधिक मोटा भी नहीं होना चाहिए कि उसे लगाने के बाद दरवाजा खोलने या बंद करने में कोई रुकावट पैदा हो। दरवाजे के नीचे मैट की फिटिंग सटीक होनी चाहिए ताकि यह पानी को प्रभावी ढंग से रोक सके।
डोर मैट और तौलिये का तालमेल
अगर आपके दरवाजे के नीचे से लगातार पानी रिस रहा है, तो केवल एक मैट काफी नहीं हो सकता। ऐसे में आप एक अतिरिक्त उपाय अपना सकते हैं। डोर मैट के ठीक नीचे एक पुराना तौलिया या कोई मोटा कपड़ा बिछा दें। यह कपड़ा मैट से बचने वाले अतिरिक्त पानी को सोखने में मदद करता है और फर्श पर पानी जमा नहीं होने देता। इतना ही नहीं, यह जुगाड़ मैट को फर्श पर फिसलने से भी रोकता है। ध्यान रहे कि समय-समय पर इस तौलिये को हटाकर सुखाएं या बदलकर दूसरा रखें, ताकि नमी घर के अंदर न रह जाए।
सिलिकॉन स्ट्रिप और डोर स्टॉपर का करें इस्तेमाल
पानी और हवा को दरवाजे के नीचे से अंदर आने से रोकने के लिए केवल मैट ही काफी नहीं हैं, आप डोर स्टॉपर या सिलिकॉन स्ट्रिप का उपयोग भी कर सकते हैं। यह उन दरवाजों के लिए सबसे अच्छा समाधान है जिनके नीचे थोड़ी खाली जगह रहती है। दरवाजे के निचले हिस्से में सिलिकॉन स्ट्रिप लगाने से पानी के रिसाव को रोकने में बड़ी मदद मिलती है, जो सीधे तौर पर घर के फर्श को सूखा रखने में सहायक होता है।
नियमित सफाई और धूप में सुखाना है जरूरी
मानसून में डोर मैट की देखभाल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मांग करती है। अरशद के अनुसार, बारिश के दौरान मैट को नियमित रूप से धूप दिखाना अनिवार्य है। यदि मैट लगातार गीला रहेगा, तो उसमें फंगस और बदबू पैदा होना तय है, जो पूरे घर के वातावरण को प्रभावित कर सकता है। जब भी हल्की धूप निकले, अपने डोर मैट को अच्छी तरह सुखाएं। इसके अलावा, एक रोल बनाए हुए तौलिये को दरवाजे के ठीक नीचे लगाने से भी पानी को अंदर आने से रोकने में काफी मदद मिलती है, जिसे आप आवश्यकता अनुसार बदल सकते हैं।
बाहरी ड्रेनेज या ढलान पर दें ध्यान
कभी-कभी डोर मैट की क्षमता से अधिक पानी घर के बाहर जमा हो जाता है। यदि आपके घर के प्रवेश द्वार के पास ही पानी का जलभराव होता है, तो वहां एक उचित ढलान या स्लोप बनाना जरूरी हो जाता है। उचित ढलान होने से पानी दरवाजे की तरफ इकट्ठा नहीं होगा, बल्कि बाहर की ओर बह जाएगा। यह दीर्घकालिक समाधान है, जिससे चौखट और फर्श पर नमी कम होती है और आपका घर मानसून की मार से बचा रहता है।
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/tips-and-tricks-how-to-choose-a-doormat-to-keep-rainwater-out-tips-from-a-seller-local18-10807320.html