विमान का अगला हिस्सा जिसे नोज कहते हैं, इतना महत्वपूर्ण क्यों होता है और इसके अंदर क्या छिपा होता है?

हाल ही में श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमान के अगले हिस्से यानी नोज की भूमिका चर्चा में है। आइए जानते हैं कि यह हिस्सा विमान के संचालन के लिए क्यों अनिवार्य है और इसमें कौन से उपकरण लगे होते हैं।

विमान का अगला हिस्सा और उसकी उपयोगिता

शुक्रवार की सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक विमान के दुर्घटना का शिकार होने की खबर सामने आई, जब वह पार्किंग के दौरान एक VDGS पोल से टकरा गया। इस टक्कर में विमान का वह हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ जिसे हम आम भाषा में नोज यानी नाक कहते हैं। विमान के अगले हिस्से में स्थित यह भाग न केवल विमान के बाहरी आकार को संतुलित करने के काम आता है, बल्कि तकनीकी दृष्टि से यह किसी भी हवाई जहाज का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।

नोज के भीतर क्या छिपा होता है?

विमान के अगले हिस्से को तकनीकी भाषा में रेडोम (Radome) के नाम से जाना जाता है। यह एक विशेष प्रकार का गुंबद जैसा आवरण होता है, जिसे विशेष रूप से इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इसमें लगे उपकरणों की सुरक्षा हो सके। यह हिस्सा आमतौर पर धातु का न होकर फाइबरग्लास, क्वार्ट्ज या अन्य कंपोजिट पदार्थों से निर्मित होता है, ताकि रडार की तरंगें बिना किसी बाधा के इससे होकर गुजर सकें।

नोज के अंदर मौजूद मुख्य उपकरणों में शामिल हैं:

  • वेदर रडार: यह मौसम की पल-पल की जानकारी पायलट तक पहुंचाता है, जिससे उड़ान के दौरान खराब मौसम से बचा जा सके।
  • नेविगेशन एंटीना: यह लैंडिंग के दौरान विमान को रनवे पर सटीक दिशा और गाइडेंस प्रदान करने में मदद करते हैं।
  • अन्य सेंसर: इसमें विभिन्न प्रकार की वायरिंग और कूलिंग सिस्टम जुड़े होते हैं, जो विमान के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सही तापमान पर रखते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि रेडोम का काम संवेदनशील उपकरणों को बारिश, धूल, बर्फ और तेज हवाओं के झोंकों से बचाना होता है। गौरतलब है कि इस हिस्से में यात्रियों का कोई सामान या अन्य कार्गो रखने की अनुमति नहीं होती है।

श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुई घटना का विवरण

श्रीनगर एयरपोर्ट के बे नंबर 06 पर इंडिगो एयरलाइंस के एक विमान के साथ यह हादसा पेश आया। पार्किंग प्रक्रिया के दौरान विमान की गति धीमी थी, जिसकी वजह से एक बड़ा अनर्थ टल गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। विमान के नोज वाले हिस्से में टक्कर लगने से वह हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि विमानों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और उड़ानों के समय सारणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान में अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पार्किंग के दौरान यह चूक किस कारण से हुई और सुरक्षा मानकों को कैसे और बेहतर किया जा सकता है।

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