बशर अल-असद के शासन में सीरिया में चल रहा था गुप्त परमाणु प्रोजेक्ट
सीरिया के सत्ता से बेदखल किए जा चुके राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासनकाल के दौरान एक बेहद गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, बशर अल-असद की अगुवाई में सीरिया के डेर अल-जोर प्रांत में एक परमाणु रिएक्टर के निर्माण पर काम किया जा रहा था। संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय के निरीक्षकों ने अगस्त महीने में सीरिया के उन संदिग्ध स्थलों का दौरा किया, जो लंबे समय से वैश्विक जांच के दायरे में थे। इस जांच के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि सीरिया में एक गुप्त परमाणु सुविधा मौजूद थी।
परमाणु सामग्री की जानकारी छिपाने का आरोप
इस दौरे के बाद इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वे इस बात की पुष्टि करने में सफल रहे हैं कि सीरिया के तत्कालीन अधिकारियों ने NPT सेफगार्ड्स एग्रीमेंट के तहत अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार, सीरियाई प्रशासन ने परमाणु सामग्री और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय संस्था से पूरी तरह छिपाकर रखी थी। इसमें डेर अल-जोर में बन रहा परमाणु रिएक्टर, एक फ्यूल फैब्रिकेशन प्लांट और परमाणु ईंधन भंडारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक अन्य गुप्त जगह भी शामिल थी।
उत्तर कोरिया की मदद से अघोषित न्यूक्लियर प्रोग्राम
ऐसा माना जा रहा है कि बशर अल-असद की सरकार के दौरान सीरिया ने एक बड़ा अघोषित परमाणु कार्यक्रम चलाया था। इस प्रोजेक्ट में पूर्वी डेर अल-जोर प्रांत में स्थित वह परमाणु रिएक्टर भी शामिल था, जिसे कथित तौर पर उत्तर कोरिया की मदद से तैयार किया गया था। हालांकि, बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद स्थिति में बदलाव आया है। अब सीरिया की नई सरकार ने IAEA के निरीक्षकों को उन सभी जगहों पर जाने की अनुमति दे दी है, जिन पर पहले से ही परमाणु कार्यक्रम से जुड़े होने का संदेह जताया जा रहा था।
इजरायली एयरस्ट्राइक से सामने आया था सच
डेर अल-जोर की इस गुप्त परमाणु सुविधा का रहस्य पहली बार तब खुला था, जब साल 2007 में इजरायल ने एक एयरस्ट्राइक के जरिए इस ठिकाने को पूरी तरह तबाह कर दिया था। उस घटना के बाद सीरिया ने उस पूरे स्थान को समतल कर दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की। सीरिया ने कभी भी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
मिडिल-ईस्ट में परमाणु शक्ति का समीकरण
मिडिल-ईस्ट में फिलहाल इजरायल एकमात्र ऐसा देश है जिसके बारे में माना जाता है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि इजरायल ने कभी भी आधिकारिक तौर पर अपने परमाणु कार्यक्रम की पुष्टि या खंडन नहीं किया है। इस बीच, सीरिया के नए अधिकारियों ने अब सिविल न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम को विकसित करने में रुचि दिखाई है। उनका कहना है कि देश में मिलने वाली किसी भी परमाणु सामग्री को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के दायरे में रखते हुए सीरिया की निगरानी में रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि अगस्त महीने में ही सीरिया की एक अदालत ने बशर अल-असद और उनके भाई माहेर को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
https://www.indiatv.in/world/asia/syria-nuclear-reactor-deir-el-zour-bashar-al-assad-iaea-un-report-2026-09-02-1240750