डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या वाकई सिर्फ कीवी ही एकमात्र उपाय है? जानिए आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह और बचाव के सही तरीके

डेंगू के मौसम में प्लेटलेट्स कम होने पर अक्सर लोग घबराकर महंगे फल जैसे कीवी की तरफ भागते हैं। अंबाला के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए केवल कीवी ही नहीं, बल्कि कई अन्य घरेलू और पौष्टिक आहार भी बेहद प्रभावी हैं।

बरसात और उसके बाद के मौसम में डेंगू का प्रकोप काफी तेजी से पैर पसारने लगता है। इस मौसम में स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अमूमन देखा गया है कि डेंगू का नाम सुनते ही लोगों के मन में सबसे पहला विचार शरीर में प्लेटलेट्स गिरने का ही आता है। बुखार के साथ जब प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से नीचे जाने लगता है, तो मरीज के साथ-साथ उनके परिजन भी बेहद घबरा जाते हैं। इस घबराहट और हड़बड़ी के माहौल में लोग तुरंत प्लेटलेट्स बढ़ाने के तमाम उपाय खोजने लगते हैं। इसके लिए कीवी जैसे महंगे फल खरीदने और तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आजमाने की होड़ लग जाती है। लेकिन क्या सचमुच शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए केवल कीवी ही एकमात्र और सर्वोत्तम विकल्प है? क्या महंगे फल खरीदे बिना प्लेटलेट्स को सामान्य स्तर पर नहीं लाया जा सकता? इन्हीं सब जरूरी सवालों का जवाब देने के लिए अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में कार्यरत प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने लोकल 18 से विशेष बातचीत की और कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए जानना बेहद आवश्यक है।

क्या प्लेटलेट्स की कमी का एकमात्र कारण केवल डेंगू ही है?

आमतौर पर आम जनता के बीच यह गलतफहमी फैली हुई है कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो रही है, तो वह निश्चित रूप से डेंगू संक्रमण की चपेट में आ चुका है। इस भ्रांति को दूर करते हुए डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि डेंगू के संक्रमण के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स कम होना एक सामान्य लक्षण जरूर है, लेकिन हर बार प्लेटलेट्स गिरने की मुख्य वजह सिर्फ डेंगू ही हो, यह कतई जरूरी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर में होने वाले किसी भी अन्य प्रकार के वायरल, बैक्टीरियल या अन्य गंभीर संक्रमणों के कारण भी प्लेटलेट्स का स्तर प्रभावित हो सकता है और वह नीचे गिर सकता है। इसलिए, प्लेटलेट्स के कम होने पर घबराने के बजाय सही तरीके से जांच कराना और डॉक्टर से संपर्क करना सबसे सही निर्णय होता है।

सिर्फ प्लेटलेट्स बढ़ाना नहीं, बल्कि इम्युनिटी को मजबूत करना है जरूरी

डॉ. जितेंद्र वर्मा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो उसका और उसके परिवार का पूरा ध्यान केवल प्लेटलेट्स की संख्या को किसी भी तरह बढ़ाने पर टिक जाता है। जबकि स्वास्थ्य की दृष्टि से केवल प्लेटलेट्स बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना सही दृष्टिकोण नहीं है। इसके बजाय, मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि शरीर की अंदरूनी शक्ति और इम्युनिटी मजबूत होगी, तो वह संक्रमण से ज्यादा प्रभावी ढंग से लड़ सकेगा। इस दौरान मरीज की देखभाल में कुछ बुनियादी और बेहद जरूरी बातों को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भरपूर और पर्याप्त विश्राम: बीमारी की स्थिति में शरीर को पूरी तरह से आराम की जरूरत होती है ताकि वह ऊर्जा का संचयन कर सके और रिकवरी तेजी से हो।
  • आसपास की स्वच्छता: मरीज को संक्रमण से बचाने के लिए उसके कमरे और व्यक्तिगत साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाना चाहिए।
  • संतुलित और सुपाच्य भोजन: मरीज को ऐसा आहार देना चाहिए जो आसानी से पच सके और शरीर को भरपूर पोषण प्रदान करे।

डॉक्टर ने लोगों को यह सख्त हिदायत भी दी कि बुखार या डेंगू जैसे लक्षण महसूस होने पर स्वयं से कोई भी दवा या आयुर्वेदिक औषधि लेने की गलती न करें। इस स्थिति में हमेशा किसी योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ की चिकित्सकीय सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

आयुर्वेद में बुखार के पारंपरिक और घरेलू उपाय

चिकित्सक ने जानकारी दी कि आयुर्वेद में बुखार और संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए कई तरह की औषधियों का उल्लेख मिलता है। उदाहरण के लिए, त्रिभुवन कीर्ति रस जैसी आयुर्वेदिक औषधियां बुखार को नियंत्रित करने में बेहद मददगार मानी जाती हैं, लेकिन इनका उपयोग कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, हमारे घरों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे तुलसी के पत्ते और काली मिर्च भी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और संक्रमण से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बीमारी के दौरान मरीज के शरीर में पानी की कमी होने की प्रबल संभावना रहती है, क्योंकि तेज बुखार के कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिए मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ यानी लिक्विड डाइट देना बेहद जरूरी है।

कीवी के महंगे होने पर क्या हैं पौष्टिक और सस्ते विकल्प?

डेंगू के सीजन में अक्सर बाजार में कीवी जैसे फलों की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है, जिससे इनकी कीमतें आसमान छूने लगती हैं। कई बार गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इतने महंगे फल खरीदना संभव नहीं हो पाता। इस चिंता को दूर करते हुए डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स बढ़ाने और शरीर को पोषण देने के लिए महंगे फल खरीदना बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है। यदि कोई व्यक्ति महंगे फल नहीं खरीद पा रहा है, तो वह कई अन्य सस्ते और सुलभ पौष्टिक विकल्पों का सहारा ले सकता है। मरीज के आहार में इन चीजों को शामिल करके भी बेहतरीन परिणाम पाए जा सकते हैं:

  • काले चने का सूप: यह सूप शरीर को प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करता है और कमजोरी को दूर करने में बहुत प्रभावी है।
  • हरी सब्जियों का ताजा सूप: मौसमी हरी सब्जियों का सूप शरीर को आवश्यक विटामिंस और खनिज देता है, जिससे इम्युनिटी मजबूत होती है।
  • पौष्टिक तरल आहार: नारियल पानी, नींबू पानी या घर पर बने ताजे फलों के जूस का सेवन मरीज के शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और उसे भीतर से ऊर्जा देता है।

अंबाला OPD में आ रहे मरीज और डेंगू से बचाव के आवश्यक तरीके

अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक OPD में इन दिनों मौसम में आए बदलाव के कारण बुखार और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि वर्तमान में रोजाना लगभग 4 से 5 मरीज इसी तरह की शिकायतों के साथ आयुर्वेदिक OPD में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में मच्छरों की तादाद तेजी से बढ़ती है, जिससे डेंगू फैलने का खतरा काफी अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में डॉ. वर्मा ने सभी लोगों से अपने घर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने डेंगू से बचाव के लिए कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण रोकथाम उपायों को साझा किया है:

  • मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए अपने घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
  • घरों में रखे कूलर, गमलों के नीचे की प्लेटों और पानी की टंकियों की नियमित रूप से सफाई करें।
  • आंगन या छत पर पड़े पुराने टायर, कबाड़ या खाली बर्तनों को हटा दें, क्योंकि इनमें जमा होने वाला बारिश का पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल जगह बनता है।

यदि हम इन सावधानियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से खुद को और अपने परिवार को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।

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