घर से शुरू किया अनोखा सफर
झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रेशमा ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर एक सफल व्यवसाय खड़ा कर लिया है। रेशमा मकई और रागी जैसे स्वास्थ्यवर्धक अनाजों का इस्तेमाल करके घर पर ही बिस्कुट, लड्डू और नमकीन जैसी चीजें बनाती हैं। उन्होंने अपने काम की शुरुआत बहुत ही सामान्य स्तर पर की थी, लेकिन आज उनके उत्पादों की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि लोग उनका नाम बड़े सम्मान के साथ लेते हैं। रेशमा के पास मकई के बिस्कुट और रागी से बनी वैरायटी की इतनी जबरदस्त मांग रहती है कि अक्सर उनका स्टॉक खत्म हो जाता है। ग्राहक उन्हें सीधे फोन पर संपर्क करके अपना ऑर्डर बुक करवाते हैं और वह समय पर सामान उनके घर तक पहुँचाती हैं।
50 से अधिक तरह के उत्पाद
रेशमा के हुनर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अकेले मकई और रागी के 50 से अधिक अलग-अलग प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं। उनके द्वारा बनाए गए अचार और तरह-तरह की नमकीन भी बाजार में काफी पसंद की जाती हैं। उनकी सफलता का राज यह है कि वह गुणवत्ता और शुद्धता के साथ कोई समझौता नहीं करती हैं। उन्होंने अपने घर के रसोई को ही एक छोटे कारखाने का रूप दे दिया है, जहां से शुद्ध और पौष्टिक खाद्य पदार्थ बनकर निकलते हैं।
अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
रेशमा केवल अपना व्यवसाय ही नहीं बढ़ा रही हैं, बल्कि उन्होंने सामाजिक बदलाव का बीड़ा भी उठाया है। वह अब तक 100 महिलाओं को खास प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। रेशमा अपने सखी मंडल की महिलाओं को न केवल उत्पाद बनाना सिखाती हैं, बल्कि उन्हें पैकेजिंग की बारीकियां और मेलों में स्टॉल लगाने का अनुभव भी प्रदान करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत होना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण का संदेश
रेशमा का कहना है कि आज का दौर महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, हर महिला को अपने अंदर छिपे हुनर को पहचानना चाहिए और उसी के सहारे काम शुरू करना चाहिए। वह जोर देकर कहती हैं कि शुरुआत भले ही बहुत छोटी हो और शुरुआती कमाई केवल 5 रुपये प्रतिदिन ही क्यों न हो, लेकिन आर्थिक स्वावलंबन का अहसास बहुत बड़ी चीज है। रेशमा का मानना है कि जब एक महिला अपनी कमाई खुद करने लगती है, तो समाज में उसके प्रति नजरिया बदल जाता है और उनका शोषण होने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है। उनकी यह सोच आज क्षेत्र की कई महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
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