रक्षासूत्र का महत्व
सावन माह की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्यौहार महज एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का एक पवित्र बंधन है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, सुख और समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहन की हर कदम पर रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी को कलाई से उतारने के लिए भी कुछ विशेष नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। राखी को लापरवाही से कहीं भी उतारकर फेंकना सही नहीं होता है।
राखी उतारने का उचित समय
बहुत से लोग इस उलझन में रहते हैं कि राखी को कलाई से कब हटाना चाहिए। सामान्य तौर पर, राखी बांधने के 24 घंटे के बाद इसे उतारा जा सकता है। हालाँकि, अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार बहुत से लोग इसे 3 से 7 दिन तक बांधे रखते हैं। कई क्षेत्रों में ऐसी मान्यता है कि राखी को जन्माष्टमी के दिन उतारना चाहिए, जबकि कुछ स्थानों पर इसे अनंत चतुर्दशी तक कलाई पर सजाए रखने की परंपरा प्रचलित है।
उतारी गई राखी का सम्मानपूर्ण निपटान
धार्मिक दृष्टिकोण से राखी का अपमान करना वर्जित है। कलाई से उतारने के बाद इसे कूड़ेदान में या सड़क पर बिल्कुल नहीं फेंकना चाहिए। इसे उचित तरीके से विसर्जित करने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:
- राखी को किसी पवित्र नदी, तालाब या बहते हुए शुद्ध जल में प्रवाहित करना सबसे उत्तम माना जाता है।
- आप इसे किसी साफ स्थान पर या बगीचे में मिट्टी खोदकर दबा सकते हैं।
- इसे किसी पवित्र पेड़, जैसे कि पीपल, तुलसी या बरगद के वृक्ष की जड़ों के पास मिट्टी में सुरक्षित रूप से दबाया जा सकता है।
- यदि आप चाहें तो इसे किसी पेड़ की शाखा पर भी बांध सकते हैं, इस दौरान वहां एक रुपये का सिक्का अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- इसे घर में मौजूद पूजा सामग्री के साथ भी सहेज कर रखा जा सकता है।
राखी उतारते समय किन बातों का रखें ध्यान
राखी केवल एक धागा नहीं है, इसलिए इसे हटाते समय पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। कुछ प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:
- राखी उतारने से पहले अपने आराध्य देव का स्मरण करना चाहिए।
- कोशिश करें कि राखी को सुबह के शुभ समय में ही उतारें।
- राखी को कभी भी खींचकर या जोर लगाकर नहीं तोड़ना चाहिए, इसे हमेशा धैर्य के साथ खोलना चाहिए।
- मंगलवार और शनिवार के दिन राखी को कलाई से निकालने से परहेज करना चाहिए।
- राखी उतारते समय यह सुनिश्चित करें कि उस समय राहुकाल न चल रहा हो।
- यदि आपकी राखी धातु या प्लास्टिक से बनी है, तो उसे जल में विसर्जित न करें, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है।
- यदि राखी पूरी तरह साबुत और प्रिय है, तो इसे एक लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या अलमारी में सुरक्षित रखा जा सकता है।
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