शेयर बाजार का अनोखा कमाल: मात्र 5 मिनट में 1 लाख के बन गए 44 लाख रुपये

शेयर बाजार की मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान सेंसेक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे एक ट्रेडर ने महज 5 मिनट में निवेश की रकम कई गुना बढ़ने का दावा किया है।

बाजार में अचानक आए बड़े बदलाव ने सबको चौंकाया

शेयर बाजार एक ऐसा विशाल समंदर है, जहां सही समय पर लिया गया एक छोटा सा फैसला निवेशक को मालामाल कर सकता है, तो वहीं एक गलत कदम पूरी जमा-पूंजी को डूबो सकता है। बीते गुरुवार को शेयर बाजार में कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तारीख 27 अगस्त को जब बाजार अपनी समाप्ति की ओर था, तब महज 5 मिनट के भीतर 1 लाख रुपये की रकम बढ़कर 44 लाख रुपये में तब्दील हो गई। यह पूरा घटनाक्रम शेयर बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दावा

एक ट्रेडर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई अपनी पोस्ट में यह दावा किया है कि यदि किसी निवेशक ने दोपहर 3:15 बजे सेंसेक्स 76,500 पुट ऑप्शन में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता और उसे ठीक 3:20 बजे बेच दिया होता, तो उसे 44 लाख रुपये का भारी-भरकम मुनाफा प्राप्त होता। हालांकि, ट्रेडर द्वारा की गई मूल पोस्ट में एक टंकण त्रुटि (टाइपिंग एरर) दिखाई दे रही है, जिसमें समय का जिक्र दोपहर 3:15 के बजाय सुबह 3:15 बजे के रूप में किया गया है। यह दावा विशेष रूप से मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS के दौरान सेंसेक्स में देखे गए जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद सामने आया है।

बाजार में दिखी जबरदस्त हलचल

द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को ट्रेडिंग के अंतिम क्षणों में सेंसेक्स ने काफी अस्थिरता दिखाई। दोपहर 3:17 बजे सेंसेक्स लगभग 77,200 के स्तर पर था, जो तेजी से गिरकर 3:23 बजे तक करीब 74,983 के स्तर पर आ गया। यानी महज कुछ मिनटों के अंतराल में सेंसेक्स में 2,000 से अधिक अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इतनी बड़ी गिरावट के बाद अगले सात मिनटों में, यानी 3:23 बजे से 3:30 बजे के बीच, सूचकांक ने 2,000 अंकों की शानदार रिकवरी की। अंततः बाजार 76,934 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र की तुलना में 539 अंक नीचे था।

प्रमुख शेयरों में भी उठापटक का दौर

यह अप्रत्याशित उठापटक केवल इंडेक्स तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के बड़े दिग्गज शेयरों में भी साफ नजर आई। सेंसेक्स में सबसे अधिक भार रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी सात मिनट की अवधि में 1,289 रुपये से गिरकर 1,250 रुपये तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में इसमें सुधार हुआ और यह 1,286 रुपये पर बंद हुआ। इसके अलावा, HDFC बैंक, ITC और भारती एयरटेल जैसे प्रमुख शेयरों में भी कारोबार के अंतिम समय में भारी हलचल देखने को मिली। इस घटना ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा शुरू किए गए CAS यानी क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की प्रभावशीलता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि 3 अगस्त को इस नई प्रणाली को लागू किया गया था, जिसका मूल उद्देश्य बाजार में कीमतों की हेरफेर को रोकना था।

CAS प्रणाली और नियामक की सख्ती

वर्तमान में CAS प्रणाली उन 200 शेयरों पर लागू की जाती है, जिनमें इक्विटी डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग होती है। बाकी शेयरों के लिए अभी भी पुराने VWAP यानी वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस तरीके का उपयोग किया जाता है। जब से CAS की शुरुआत हुई है, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही 3:15 बजे से 3:30 बजे के बीच कीमतों में असामान्य बदलाव देखे जा रहे हैं। इस पूरी घटना ने नियामक संस्थाओं का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। पिछले ही सप्ताह बाजार नियामक सेबी ने सेंसेक्स और उससे संबंधित शेयरों में कथित हेरफेर के आरोपों के चलते जेपी मॉर्गन से जुड़ी कंपनी कॉपथॉल मॉरिशस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने इन कंपनियों पर व्यापारिक गतिविधियों में प्रतिबंध लगाने के साथ ही कथित तौर पर अवैध तरीके से कमाए गए लगभग 3.8 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।

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