दिल्ली के जमरूदपुर में हेरिटेज साइट पर MCD का बड़ा एक्शन, तबेले और गोदामों को किया ध्वस्त

दिल्ली के जमरूदपुर गांव में ऐतिहासिक धरोहरों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर बुलडोजर अभियान चलाया, जबकि लुटियंस जोन में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली रेस क्लब को भी खाली करा लिया गया है।

जमरूदपुर में ऐतिहासिक स्मारकों पर चला एमसीडी का बुलडोजर

दिल्ली के जमरूदपुर गांव में बरसों से उपेक्षित और अवैध अतिक्रमण का शिकार बनी ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने कमर कस ली है। नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इलाके में एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान को अंजाम दिया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन राजीव सूरी बनाम एएसआई एवं अन्य मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। इस अभियान के बाद से इलाके के भू माफियाओं और उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने सरकारी और ऐतिहासिक जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था।

साठ से अधिक कर्मचारियों की टीम ने संभाला मोर्चा

इस बड़े अभियान को पूरा करने के लिए नगर निगम ने साठ से अधिक कर्मचारियों की एक विशेष टीम तैनात की थी। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के पूर्ण सहयोग के साथ निगम के अधिकारियों ने उन सभी अवैध ढांचों को चिन्हित किया जो ऐतिहासिक स्मारकों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहे थे। घंटों तक चली इस मशक्कत में भारी मशीनों की सहायता से अवैध पक्की दीवारों को जमींदोज कर दिया गया। ये दीवारें स्मारकों के भीतर बिना अनुमति के खड़ी कर दी गई थीं, जिससे मूल संरचना प्रभावित हो रही थी।

तबेले और गोदामों का खात्मा

नगर निगम की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा स्मारकों के भीतर चल रही व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों को बंद कराना था। हेरिटेज बिल्डिंग के परिसर में खुलेआम मवेशियों के लिए तबेले चलाए जा रहे थे। इसके अलावा, स्मारकों के भीतर गोदाम बनाकर वहां सामान का भंडारण किया जा रहा था। इन सभी अवैध गतिविधियों को निगम की टीम ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, ऐतिहासिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर जबरन लगाए गए तीन बड़े लोहे के गेटों को उखाड़ फेंका गया, ताकि आम लोग इन धरोहरों तक आसानी से पहुंच सकें। मौके से दस से अधिक ट्रक मलबा और अवैध निर्माण सामग्री को हटाया गया, और निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शेष मलबा भी अगले कुछ दिनों में पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।

दिल्ली रेस क्लब पर भी केंद्र का नियंत्रण

जमरूदपुर के अलावा दिल्ली में एक और बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। लुटियंस जोन में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली रेस क्लब पर अब केंद्र सरकार का पूर्ण नियंत्रण हो गया है। पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद, तिरपन एकड़ में फैले इस शताब्दी पुराने रेसकोर्स पर गुरुवार सुबह से ही बुलडोजर ने काम करना शुरू कर दिया। यहाँ मौजूद स्टेबल, बुकमेकर्स रिंग, विनिंग पोस्ट और फोटो फिनिश कैमरा जैसे ऐतिहासिक ढांचे ढहा दिए गए। यह जमीन सन 1926 में लीज पर दी गई थी, जिसकी अवधि 1994 में ही समाप्त हो चुकी थी। तब से क्लब बिना किसी वैध अधिकार के इस जमीन का उपयोग कर रहा था। रेसकोर्स में मौजूद लगभग 250 कीमती घोड़ों में से 200 को उनके मालिकों ने वापस बुला लिया है, जबकि बाकी 50 घोड़ों को 14 सितंबर तक अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई के साथ ही दिल्ली में घुड़दौड़ के एक युग का अंत हो गया है।

भविष्य में और सख्त होगा अतिक्रमण विरोधी अभियान

नगर निगम दिल्ली के अनुसार, इस कठोर अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीन को भू माफियाओं के चंगुल से छुड़ाना और राष्ट्रीय धरोहरों के मूल स्वरूप को बहाल करना है। एमसीडी ने एक सख्त चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में केवल जमरूदपुर ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली में फैली अन्य हेरिटेज साइट्स और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ निगरानी तेज की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि विरासत को सहेजने के लिए इस तरह के एक्शन लगातार जारी रहेंगे। निगम प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सरकारी जमीन के संरक्षण में सहयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • प्रश्न: जमरूदपुर में ऐतिहासिक स्मारकों पर यह कार्रवाई किस मामले के तहत की गई? उत्तर: यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित राजीव सूरी बनाम एएसआई एवं अन्य मामले के निर्देशों के तहत की गई है।
  • प्रश्न: अभियान में एमसीडी के कितने कर्मचारियों ने भाग लिया? उत्तर: इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में साठ से अधिक कर्मचारियों की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर हिस्सा लिया।
  • प्रश्न: जमरूदपुर के ऐतिहासिक स्मारकों के भीतर क्या अवैध निर्माण किए गए थे? उत्तर: स्मारकों के अंदर अवैध पक्की दीवारें, तबेले और गोदाम बनाए गए थे और प्रवेश द्वार पर तीन लोहे के गेट लगाए गए थे।
  • प्रश्न: मौके से कितना मलबा हटाया गया? उत्तर: निगम की टीम ने मौके से दस से अधिक ट्रक मलबा हटाया है, और शेष मलबा अगले कुछ दिनों में साफ किया जाएगा।
  • प्रश्न: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: इसका उद्देश्य सरकारी और हेरिटेज जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम जनता की पहुंच वहां तक आसान बनाना है।

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