झारखंड में इंजीनियरिंग दाखिले का बड़ा मौका
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। झारखंड के विभिन्न सरकारी, पीपीपी मोड और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की 5,700 से अधिक सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं। झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड यानी JCECEB ने इन रिक्त सीटों को भरने के लिए अपनी कमर कस ली है और काउंसलिंग की नई प्रक्रिया का आगाज कर दिया है। मुख्य काउंसलिंग राउंड समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना उन विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर आया है, जो किसी कारणवश अब तक दाखिला नहीं ले सके थे।
सीटें खाली रहने के पीछे की वजह
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इतनी बड़ी संख्या में सीटों का खाली रह जाना कई कारकों का परिणाम है। शुरुआती काउंसलिंग राउंड के बाद देखने में आया है कि कई छात्र दूसरे राज्यों के संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं कुछ छात्र अपनी पसंद की ब्रांच न मिलने के कारण दाखिला लेने से पीछे हट गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंप्यूटर साइंस और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों के अलावा कोर इंजीनियरिंग ब्रांचों जैसे सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में सबसे अधिक सीटें खाली देखी गई हैं। यह स्थिति कॉलेज प्रशासन के लिए चिंता का विषय है, लेकिन छात्रों के लिए एक बड़ा मौका है।
JEE मेन स्कोर का मिलेगा लाभ
JCECEB द्वारा आयोजित की जा रही इस विशेष काउंसलिंग प्रक्रिया में जेईई मेन के स्कोर को काफी अहमियत दी जा रही है। बोर्ड ने उन सभी छात्रों को मौका दिया है जिन्होंने जेईई मेन परीक्षा में भाग लिया था। अब छात्र अपने जेईई मेन रिजल्ट के आधार पर आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। काउंसलिंग के दौरान छात्रों को उनकी रैंक और मेरिट लिस्ट के आधार पर कॉलेजों और उनकी पसंद की ब्रांच आवंटित की जाएगी। अच्छी बात यह है कि जिन छात्रों की जेईई मेन में रैंक थोड़ी कम भी रही है, उनके पास भी राज्य के बेहतरीन कॉलेजों में अपनी सीट पक्की करने का एक अच्छा अवसर है।
डिप्लोमा होल्डर्स के लिए भी रास्ता साफ
इस बार की काउंसलिंग प्रक्रिया की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल जेईई मेन देने वाले छात्र ही नहीं, बल्कि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पूरा कर चुके विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे। जिन युवाओं ने अपनी तीन साल की इंजीनियरिंग डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी कर ली है, वे अब लैटरल एंट्री के जरिए बीटेक की खाली सीटों पर सीधे दाखिला ले सकते हैं। यह निर्णय उन डिप्लोमा धारी युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद है जो सीधे तौर पर बीटेक की डिग्री प्राप्त कर अपनी योग्यता को और बढ़ाना चाहते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
दाखिले की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को JCECEB की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- शैक्षणिक योग्यता के सभी प्रमाण पत्र
- जेईई मेन स्कोर कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बोर्ड खाली सीटों की श्रेणीवार सूची यानी सीट मैट्रिक्स जारी करेगा। इसके बाद छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच का चयन कर पाएंगे।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप बीटेक में दाखिला लेने का मन बना चुके हैं, तो बोर्ड की ओर से सलाह दी गई है कि अंतिम समय की भीड़ का इंतजार न करें। समय रहते पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। कॉलेज और ब्रांच का विकल्प चुनते समय सीट मैट्रिक्स को बहुत ध्यान से पढ़ें। जानकारों का कहना है कि छात्रों को अपनी प्राथमिकता सूची में सरकारी और पीपीपी मोड वाले कॉलेजों को ऊपर रखना चाहिए, क्योंकि वहां कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की संभावनाएं अधिक रहती हैं। इस विशेष काउंसलिंग का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को इंजीनियरिंग की मुख्यधारा से जोड़ना है, इसलिए योग्य उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठाने में देरी न करें।
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