अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी का सपना? F-1 वीजा पर जाने से पहले समझ लें CPT और OPT के बीच का अंतर

अमेरिका में F-1 वीजा पर पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए CPT और OPT बेहद महत्वपूर्ण वर्क परमिट हैं। इनके नियमों को समझकर आप पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी के सुनहरे अवसर पा सकते हैं।

अमेरिका में पढ़ाई और करियर का सपना

दुनियाभर के युवाओं के लिए अमेरिका हमेशा से उच्च शिक्षा और बेहतरीन करियर का सबसे पसंदीदा ठिकाना रहा है। भारत से भी हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को साकार करने के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालयों का रुख करते हैं। अमेरिकी शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के भी भरपूर अवसर देती है। अगर आप F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका जा रहे हैं या वहां जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको दो महत्वपूर्ण नियमों के बारे में अच्छी तरह जान लेना चाहिए। ये नियम हैं CPT और OPT

ये दोनों ऐसे वर्क परमिट हैं जो छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ या पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका की बड़ी कंपनियों में काम करने और कॉर्पोरेट जगत का अनुभव प्राप्त करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, इन दोनों के नियमों और शर्तों में काफी अंतर है। कई बार सही जानकारी न होने के कारण छात्र ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनका छात्र वीजा संकट में पड़ सकता है। इसलिए, दोनों के बीच के बुनियादी अंतर को समझना बेहद आवश्यक है।

सीपीटी (CPT) क्या है और यह कैसे काम करता है?

सीपीटी का पूरा नाम करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग है। यह एक ऐसा कार्य प्राधिकरण है जो F-1 वीजा वाले छात्रों को उनकी डिग्री की पढ़ाई के दौरान ही काम करने या इंटर्नशिप करने की अनुमति देता है। सीपीटी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके पाठ्यक्रम से संबंधित व्यावहारिक अनुभव देना है।

सीपीटी के तहत काम करने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं:

  • पाठ्यक्रम का हिस्सा: आप जो भी इंटर्नशिप या नौकरी कर रहे हैं, वह सीधे तौर पर आपके मुख्य विषय से संबंधित होनी चाहिए और आपके सिलेबस का एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।
  • काम के घंटे: सीपीटी के तहत छात्र दो तरह से काम कर सकते हैं। पहला है पार्ट-टाइम सीपीटी, जिसमें छात्र हफ्ते में अधिकतम 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। दूसरा है फुल-टाइम सीपीटी, जिसके तहत छात्र हफ्ते में 20 घंटे से अधिक समय तक काम कर सकते हैं।
  • मंजूरी की प्रक्रिया: सीपीटी के लिए छात्रों को किसी बाहरी सरकारी विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इसके लिए केवल आपकी यूनिवर्सिटी के नामित स्कूल अधिकारी यानी DSO की मंजूरी ही काफी होती है।

ओपीटी (OPT) क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

ओपीटी का पूरा नाम ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग है। यह विदेशी छात्रों को उनकी डिग्री पूरी होने के बाद अमेरिका में नौकरी करने का अधिकार देता है। सीपीटी के विपरीत, ओपीटी का इस्तेमाल आमतौर पर पढ़ाई खत्म होने के बाद किया जाता है, जिसे पोस्ट-कम्प्लीशन ओपीटी कहा जाता है।

इसके तहत छात्रों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं:

  • अवधि: सामान्य तौर पर, ओपीटी के तहत छात्रों को अमेरिका में रहकर काम करने के लिए 12 महीने का समय मिलता है।
  • STEM छात्रों के लिए विशेष छूट: यदि कोई छात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग या गणित यानी STEM विषयों से पढ़ाई कर रहा है, तो वह 24 महीने के अतिरिक्त विस्तार के लिए पात्र होता है। इसका मतलब है कि वे कुल 3 साल तक अमेरिका में बिना किसी अतिरिक्त वीजा के काम कर सकते हैं।
  • सरकारी मंजूरी: ओपीटी प्राप्त करने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी और जटिल है। इसके लिए छात्रों को अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा यानी USCIS में आवेदन करना होता है। मंजूरी मिलने के बाद ही छात्रों को EAD कार्ड प्राप्त होता है, जिसके बाद ही वे नौकरी शुरू कर सकते हैं।

सीपीटी और ओपीटी में चार मुख्य अंतर

इन दोनों वर्क परमिट के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • काम करने की समय-सीमा: सीपीटी का उपयोग केवल पढ़ाई के दौरान किया जा सकता है, जबकि ओपीटी का उपयोग मुख्य रूप से पढ़ाई पूरी करने के बाद किया जाता है।
  • मंजूरी देने वाली संस्था: सीपीटी को कॉलेज का DSO स्तर पर ही मंजूरी दे देता है, जबकि ओपीटी के लिए अमेरिकी सरकार की एजेंसी USCIS की आधिकारिक मंजूरी और EAD कार्ड की आवश्यकता होती है।
  • एकेडमिक संबंध: सीपीटी के तहत की जाने वाली नौकरी का आपके सिलेबस या क्रेडिट का हिस्सा होना आवश्यक है। ओपीटी के लिए नौकरी का आपके क्षेत्र से संबंधित होना ही पर्याप्त है, वह सीधे आपके कोर्स वर्क का हिस्सा हो, यह जरूरी नहीं है।
  • 12 महीने का महत्वपूर्ण नियम: यदि कोई छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान कुल मिलाकर 12 महीने या उससे अधिक समय तक फुल-टाइम सीपीटी का उपयोग कर लेता है, तो वह ग्रेजुएशन के बाद ओपीटी के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाता है। इसलिए, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे फुल-टाइम सीपीटी का उपयोग बहुत सावधानी से और तय सीमा के भीतर ही करें।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

अमेरिका में अपने शैक्षिक सफर को सफल बनाने के लिए छात्रों को शुरुआत से ही योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। जैसे ही आप यूनिवर्सिटी में कदम रखें, अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस या DSO से संपर्क करें और सीपीटी व ओपीटी की समय-सीमाओं को अच्छी तरह समझ लें। अपनी इंटर्नशिप की अवधि को इस प्रकार व्यवस्थित करें कि आपका फुल-टाइम सीपीटी कभी भी 12 महीने की सीमा को न छुए, ताकि पढ़ाई पूरी होने के बाद आपका ओपीटी का अधिकार सुरक्षित रहे। सही समय पर सही कदम उठाकर आप न केवल अमेरिका में एक बेहतरीन शिक्षा पा सकते हैं, बल्कि वहां के वैश्विक कार्यक्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

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