भाई-बहन के अटूट प्रेम का उत्सव और छुट्टियों की उत्सुकता
भाई-बहन के पवित्र और अटूट स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 28 अगस्त 2026 को देश के कोने-कोने में बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इस विशेष पर्व को लेकर न केवल परिवारों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, बल्कि स्कूली बच्चों के बीच भी छुट्टियों को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है। अक्सर त्योहारों के दौरान बच्चे और उनके अभिभावक इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उनके क्षेत्र में स्कूल खुले रहेंगे या बंद। इस साल भी रक्षाबंधन की छुट्टियों को लेकर विभिन्न राज्यों और शिक्षा बोर्डों ने अपने-अपने स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
त्योहारों के इस पावन सीजन में हर साल भाई-बहन के इस अनूठे रिश्ते को मनाने के लिए देश भर में उत्साह का माहौल रहता है। बच्चे अपनी बहनों से राखी बंधवाने और बहनें अपने भाइयों के घर जाने के लिए कई दिनों पहले से ही यात्रा की योजनाएं बनाने लगते हैं। ऐसे में स्कूलों में होने वाली छुट्टियों की समय सारिणी का पता होना बेहद आवश्यक हो जाता है ताकि परिवार बिना किसी व्यवधान के अपनी योजनाएं बना सकें। यही वजह है कि हम यहां आपके लिए देश के सभी प्रमुख राज्यों और बोर्डों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की छुट्टी का पूरा विवरण लेकर आए हैं ताकि आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भारत एक विविधताओं वाला देश है और यही वजह है कि यहां हर त्योहार को मनाने की पद्धतियां और उनसे जुड़ी आधिकारिक छुट्टियां अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में जहां इस दिन स्कूलों में पूरी तरह से छुट्टी रहती है, वहीं कुछ अन्य राज्यों में इसे एक सामान्य कार्यदिवस की तरह ही देखा जाता है। झारखंड में भी इस बार छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जहां पहले अवकाश रद्द करने का फैसला लिया गया था, लेकिन बाद में प्रशासन ने इस आदेश को वापस लेते हुए छुट्टी बहाल कर दी।
उत्तर भारत के इन राज्यों में घोषित हुआ पूर्ण अवकाश
उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर (जिसमें नोएडा और गाजियाबाद भी शामिल हैं), हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों में रक्षाबंधन का त्योहार मुख्य रूप से और बेहद व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। इन राज्यों की सरकारों ने अपने आधिकारिक शैक्षणिक कैलेंडर में 28 अगस्त 2026 को अवकाश के रूप में दर्ज किया है।
इन राज्यों की स्थिति इस प्रकार है:
- उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर: सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों में रक्षाबंधन के दिन पूरी तरह से अवकाश रहेगा। इसके साथ ही क्षेत्र के लगभग सभी प्रमुख निजी और मिशनरी स्कूलों ने भी बच्चों को छुट्टी देने की घोषणा कर दी है।
- बिहार और राजस्थान: इन दोनों ही राज्यों में रक्षाबंधन के अवसर पर स्कूलों में ताले लटके रहेंगे। राज्य सरकारों के शिक्षा विभागों ने इस संबंध में पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि विद्यार्थियों को कोई असुविधा न हो।
- हरियाणा और मध्य प्रदेश: इन राज्यों में भी इस पावन पर्व पर बच्चों को घर पर रहकर त्योहार मनाने की पूरी छूट दी गई है और सभी सरकारी विद्यालय बंद रहेंगे।
- उत्तराखंड और झारखंड: उत्तराखंड में भी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं, झारखंड में पूर्व में लिए गए छुट्टी निरस्त करने के फैसले को बदलते हुए अब स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे वहां के छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में क्या रहेगी स्कूलों की स्थिति?
दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रक्षाबंधन का पर्व उस पारंपरिक रूप में नहीं मनाया जाता है जैसा कि उत्तर भारत में देखने को मिलता है। इस कारण से इन राज्यों की सरकारों द्वारा रक्षाबंधन पर किसी भी तरह के अनिवार्य सार्वजनिक या स्कूल अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। यहां सभी स्कूल अपने तय समय के अनुसार सामान्य रूप से संचालित किए जाएंगे।
इसी प्रकार, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और नागालैंड में भी इस दिन स्कूलों में सामान्य कामकाज जारी रहेगा। हालांकि, इन राज्यों में रहने वाले उत्तर भारतीय मूल के छात्र और शिक्षक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Leave) के लिए आवेदन कर सकते हैं, ताकि वे अपने परिवारों के साथ इस पर्व की खुशियां साझा कर सकें।
केंद्रीय विद्यालय और निजी स्कूलों के अपने विशेष नियम
देशभर में फैले केंद्रीय विद्यालय (केवी) और नवोदय विद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में रक्षाबंधन के दिन पूरे देश में एक समान रूप से छुट्टी दी जाती है। चाहे वे विद्यालय देश के किसी भी कोने में स्थित हों, वहां इस दिन अवकाश रहता है।
इसके विपरीत, जब बात CBSE या ICSE बोर्ड से संबद्ध निजी और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों की आती है, तो उनके नियम थोड़े अलग हो सकते हैं। कई बड़े इंटरनेशनल स्कूल रक्षाबंधन को अपनी 'वैकल्पिक अवकाश' (Optional Holiday) की सूची में रखते हैं। ऐसे स्कूल पूरे दिन की छुट्टी घोषित करने के बजाय निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- स्कूलों में केवल आधे दिन (हाफ डे) की कक्षाएं संचालित करना ताकि बच्चे जल्दी घर लौट सकें।
- छुट्टी न देकर विद्यालय परिसर के भीतर ही विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राखी मेकिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
- केवल उन छात्रों को छुट्टी प्रदान करना जो इस त्योहार को विशेष रूप से मनाते हैं।
अभिभावकों के लिए कुछ जरूरी और व्यावहारिक सुझाव
त्योहारों के इस मौसम में अक्सर स्थानीय प्रशासन, जिलाधिकारियों (DM) या स्थानीय शिक्षा अधिकारियों द्वारा अंतिम समय में भी मौसम, सुरक्षा या स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए छुट्टियों के निर्देशों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए, किसी भी प्रकार के भ्रम या अंतिम क्षणों की हड़बड़ाहट से बचने के लिए अभिभावकों को नीचे दी गई बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- अपने बच्चों की स्कूल डायरी को नियमित रूप से जांचें क्योंकि स्कूल प्रबंधन किसी भी छुट्टी की सूचना उसमें लिखवाता है।
- स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या सूचना तंत्र से जुड़े रहें, जहां प्रधानाचार्य या वर्ग शिक्षक त्वरित सूचनाएं साझा करते हैं।
- विद्यालय की आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके नवीनतम सर्कुलर और अवकाश संबंधी सूचनाओं की पुष्टि अवश्य कर लें।
- किसी भी संशय की स्थिति में स्कूल के प्रशासनिक कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर सीधे संपर्क कर जानकारी प्राप्त करना सबसे सुरक्षित विकल्प रहता है।
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