हिमाचल प्रदेश की सरकार ने इस साल रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश में अब तक चली आ रही पुरानी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐलान किया है कि इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी छुट्टी दी जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अब पूरे हिमाचल प्रदेश में रक्षाबंधन के दिन पूर्ण सरकारी अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
विधानसभा के पटल से मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा
यह ऐतिहासिक घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदन में की। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई और बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन का इंतजार हर भाई और बहन साल भर करते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले की व्यवस्था के तहत रक्षाबंधन पर केवल महिला कर्मचारियों को ही विशेष अवकाश दिया जाता था, जबकि पुरुष कर्मचारियों के लिए अवकाश नहीं होता था और उन्हें कार्यालयों में अपनी सेवाएं देनी पड़ती थीं। इस वजह से कई बार भाई और बहन त्योहार के दिन भी एक-दूसरे से नहीं मिल पाते थे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अब पूरे हिमाचल प्रदेश में इस दिन सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने का निर्णय लिया है ताकि भाई-बहन एक साथ यह त्योहार मना सकें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री का भावुक संदेश
विधानसभा में इस फैसले की घोषणा करने के साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी एक बेहद भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "बचपन की शरारतों से लेकर ज़िंदगी के हर पड़ाव पर एक-दूसरे का साथ निभाने तक, यह रिश्ता वाकई बहुत खास है।"
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "भाई-बहन एक साथ रक्षाबंधन मना सकें और अपने परिवारों के साथ खुशियाँ बांट सकें, इसके लिए मैं शुक्रवार को पूरे राज्य में एक दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा करता हूँ।" मुख्यमंत्री के इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है और जनता सरकार के इस संवेदनशील फैसले की जमकर सराहना कर रही है।
पुरानी व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
हिमाचल प्रदेश में इससे पहले तक की व्यवस्था के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन केवल महिलाओं को ही सरकारी अवकाश मिलता था। इसके पीछे की सोच यह थी कि बहनें अपने भाइयों के घर जाकर उन्हें राखी बांध सकें। हालांकि, इस व्यवस्था का व्यावहारिक पहलू यह था कि सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले भाइयों को छुट्टी नहीं मिलती थी। ऐसे में कई बार बहनें जब अपने भाई के घर पहुंचती थीं, तो भाई को दफ्तर जाना पड़ता था या फिर छुट्टी के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था जिससे असहजता होती थी।
इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। अब जब भाई और बहन दोनों को ही एक साथ छुट्टी मिलेगी, तो त्योहार मनाने में कोई बाधा नहीं आएगी। सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय बेहद व्यावहारिक है और इससे परिवारों को त्योहार के दिन एक साथ समय बिताने का पूरा अवसर मिलेगा।
सरकारी अवकाश के फैसले का चौतरफा स्वागत
राज्य सरकार के इस फैसले का हिमाचल प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों और आम नागरिकों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहारों के अवसर पर इस तरह के संवेदनशील फैसले सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक त्योहार पर छुट्टी मिलने से कर्मचारी बिना किसी मानसिक तनाव के अपने घर जा सकेंगे और परिवार के साथ त्योहार का आनंद ले सकेंगे।
इसके साथ ही, इस फैसले से उन कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो अपने गृह जिलों से दूर शिमला या अन्य शहरों में नौकरी कर रहे हैं। अब शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण उन्हें अपने परिवार के साथ पूरा समय बिताने का अवसर मिलेगा। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, जहां एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करने में काफी समय लगता है, यह छुट्टी कर्मचारियों के लिए अत्यंत मददगार साबित होगी।
इस फैसले के मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक बदलाव: अब केवल महिला कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी रक्षाबंधन पर छुट्टी मिलेगी।
- सार्वजनिक अवकाश: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूरे हिमाचल प्रदेश में इस दिन पूर्ण सरकारी छुट्टी की घोषणा की है।
- घोषणा का स्थान: यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदन में घोषित किया गया।
- शुक्रवार को अवकाश: रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
- पारिवारिक एकता: फैसले का मुख्य उद्देश्य भाई-बहनों को बिना किसी बाधा के एक साथ त्योहार मनाने की सुविधा देना है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार का यह निर्णय राज्य के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने और कर्मचारियों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब प्रदेश का हर नागरिक और सरकारी सेवक बिना किसी कार्यालयी व्यवधान के इस पावन पर्व को अपने परिवार के साथ हर्षोल्लास से मना सकेगा।
https://www.indiatv.in/india/national/cm-sukhu-says-govt-holiday-across-himachal-pradesh-on-raksha-bandhan-2026-08-27-1239727