पहाड़ों के बीच बसा आस्था का केंद्र
श्रावण के पावन महीने में राजस्थान के सिरोही जिले की सुरम्य अरावली पहाड़ियों में स्थित उतराज गांव भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र बन जाता है। इस जगह को उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धामों की तर्ज पर राजस्थान का केदारनाथ और बद्रीनाथ माना जाता है। मानसून के दौरान यह पूरा इलाका हरियाली, मनमोहक झरनों और बादलों की चादर से ढंक जाता है, जो इसे एक अद्भुत धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन का बेहतरीन ठिकाना बनाता है।
पाँच किलोमीटर की दुर्गम यात्रा
इस धार्मिक स्थल तक पहुंचने के लिए भक्तों को विशेष मेहनत करनी पड़ती है। गुरुशिखर से करीब 5 KM की पैदल यात्रा तय करके ही श्रद्धालु केदारनाथ और बद्रीनारायण मंदिर तक पहुंच पाते हैं। पैदल रास्ते के दौरान भक्तों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही ट्रेकिंग का शानदार अनुभव मिलता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था रखने वालों के लिए, बल्कि नेचर लवर्स और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
कहां-कहां से आते हैं श्रद्धालु
इस पवित्र स्थल की ख्याति केवल स्थानीय क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यहाँ दर्शन करने के लिए सिरोही, पाली, जालौर और उदयपुर जैसे जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य गुजरात से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रावण मास में होने वाली भारी भीड़ यह दर्शाती है कि पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह मंदिर लोगों के बीच कितना लोकप्रिय है।
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