बीकॉम करने के बाद नहीं ढूंढी नौकरी, बुरहानपुर के 25 साल के नितेश का 'सीजनल फॉर्मूला' बना सफलता की कुंजी

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले नितेश भगत ने पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागने के बजाय मौसमी व्यापार को चुना, जिससे वे सालभर कमाई कर रहे हैं।

नौकरी के बजाय स्वरोजगार की राह

आज के दौर में जहां युवा डिग्री हासिल करने के बाद बड़े दफ्तरों में नौकरी की तलाश करते हैं, वहीं मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले 25 वर्षीय नितेश भगत ने एक अलग रास्ता चुना है। बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने किसी कंपनी में नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला लिया। नितेश बुरहानपुर के राजपुरा इलाके के निवासी हैं और वे आज के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक मिसाल बनकर उभरे हैं।

सीजनल बिजनेस का अनोखा मॉडल

नितेश ने एक ऐसे बिजनेस मॉडल को अपनाया है जिसे सीजनल फॉर्मूला कहा जा सकता है। वे साल के 12 महीनों को अलग-अलग त्योहारों और मौसम के हिसाब से बांट लेते हैं और उसी के अनुसार अपना माल तैयार रखते हैं। नितेश बताते हैं कि उनके परिवार का पिछले 25 सालों से व्यापार से जुड़ा अनुभव रहा है, जिसे वे अब आगे बढ़ा रहे हैं। वे सालभर में मुख्य रूप से चार तरह के व्यापार करते हैं, जिनमें पतंग, कपड़े, राखियां और पटाखे शामिल हैं।

सालभर बनी रहती है कमाई

इस व्यापारिक मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें कमाई का कोई एक निश्चित समय नहीं है। जब एक त्यौहार या सीजन खत्म होता है, तो नितेश तुरंत दूसरे सीजन की तैयारी में जुट जाते हैं। इससे उन्हें साल के पूरे 12 महीने आय का साधन मिलता रहता है। वे बताते हैं कि त्योहारों और मौसम की मांग को देखते हुए वे सामान की बिक्री करते हैं। इस तरह के व्यवस्थित काम के चलते उन्हें सालभर में करीब तीन से चार लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है।

दूसरों को भी दिया रोजगार

नितेश का यह छोटा सा व्यवसाय अब बड़ा रूप ले चुका है, जिससे न केवल उन्हें फायदा हो रहा है बल्कि वे समाज को भी योगदान दे रहे हैं। उनके इस कारोबार के कारण दो अन्य लोगों को भी काम मिला है, जो उनके साथ मिलकर माल की बिक्री और अन्य प्रबंध देखते हैं। ग्राहकों की जरूरत को समझकर और बाजार के बदलते रुझान को भांपकर काम करना उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।

युवाओं के लिए एक प्रेरणा

अपनी पढ़ाई और व्यवसाय के अनुभव को साझा करते हुए नितेश कहते हैं कि व्यापार में सफलता पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज कड़ी मेहनत, सही समय की परख और बाजार की मांग का सटीक आकलन है। उनका मानना है कि यदि कोई व्यक्ति मौसम और त्यौहार के अनुसार सामान का सही चुनाव करे और पूरी ईमानदारी से ग्राहकों की सेवा करे, तो बहुत कम पूंजी में भी एक बेहतरीन व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है। बीकॉम की पढ़ाई और व्यापार का तालमेल बिठाते हुए नितेश ने साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि व्यक्ति खुद रोजगार पैदा कर सकता है।

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