गुजरात: कच्छ में नकली शराब बनाने वाली बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में केमिकल और बोतलें बरामद

गुजरात के कच्छ जिले में पुलिस ने एक अवैध नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में भारी मात्रा में केमिकल और हजारों की संख्या में बोतलें जब्त की गई हैं।

कच्छ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गुजरात के कच्छ जिले में भुज साइबर सेल ने नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आदिपुर इलाके में अवैध तरीके से शराब बनाने का काम चल रहा है, जिसके बाद वहां छापा मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 600 लीटर संदिग्ध केमिकल और 200 लीटर पानी का मिश्रण बरामद किया है। इसके साथ ही, 180 मिलीलीटर की 600 से ज्यादा भरी हुई बोतलें और करीब 9,400 खाली बोतलें जब्त की गई हैं। नकली शराब को पैक करने और सील करने वाली मशीनें भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली हैं।

दो आरोपी गिरफ्तार

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो व्यक्तियों को मौके से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुंबई के सांताक्रूज़ निवासी हितेश खीमाभाई बामणिया और मथुरा के बिजेंद्र लालचंद जाट के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच से पता चला है कि इन बोतलों में शराब तो भर दी गई थी, लेकिन उन पर ब्रांड के लेबल और स्टिकर लगाने की प्रक्रिया अभी बाकी थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप आखिरकार कहां पहुंचाई जानी थी और क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े माफिया से है।

पुलिस महानिरीक्षक का बयान

बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोरियाडिया ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि आदिपुर में चल रही इस अस्थायी फैक्ट्री से भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस फैक्ट्री से पहले भी नकली शराब की खेप बाजार में भेजी जा चुकी है।

भावनगर कांड और गुजरात की स्थिति

गौरतलब है कि गुजरात एक शराब मुक्त राज्य है, जहां मदिरा के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। राज्य में अवैध शराब के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। कुछ समय पहले भावनगर में जहरीली शराब पीने के कारण 13 लोगों की असमय मौत हो गई थी, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। उस मामले में पुलिस ने अभी तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया था कि पीड़ितों ने जो शराब पी थी, उसमें घातक मेथनॉल मिला हुआ था। गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें मेथनॉल की सप्लाई, ट्रांसपोर्टरों की भूमिका और कच्चे माल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

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