972 गांव तबाह करने के बाद आगे बढ़ रहा तूफान नारा, अगले 48 घंटे इन देशों के लिए भारी चेतावनी

दक्षिण-पूर्वी एशिया में चक्रवाती तूफान नारा ने तबाही मचा रखी है, जिसके कारण 972 गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटों के लिए और अधिक विनाशकारी होने का अलर्ट जारी किया है।

टोंकिन की खाड़ी से उठा संकट

इस समय टोंकिन की खाड़ी में चक्रवाती तूफान नारा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता ने स्थिति को और भी अधिक गंभीर बना दिया है। मौसम की मार का यह दोहरा प्रहार अब दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। यह तूफान अब तक 972 गांवों को अपनी चपेट में ले चुका है और इसकी शक्ति लगातार बढ़ती जा रही है। भीषण हवाओं और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों के ताजा अनुमान के अनुसार, अगले 48 घंटे इस पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।

तूफान का केंद्र और मानसून की स्थिति

रिपोर्ट्स के अनुसार, चक्रवाती तूफान नारा वियतनाम के उत्तरी तटों के काफी नजदीक पहुंच गया है। तूफान का केंद्र वर्तमान में बैक लॉन्ग वी विशेष आर्थिक क्षेत्र के उत्तर में स्थित है। यह स्थान क्वांग निन्ह से लगभग 135 किलोमीटर और हाई फोंग से 140 किलोमीटर पूर्व की दिशा में है। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें हवाओं की रफ्तार 62 से 88 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है। बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और थाईलैंड की खाड़ी के ऊपर बने मानसून के सिस्टम ने इस तूफान के साथ मिलकर लाओस, म्यांमार, वियतनाम और थाईलैंड में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का माहौल बना दिया है।

अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 24 अगस्त तक यह तूफान दक्षिण-पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा और अधिक आक्रामक रूप ले लेगा। इस दौरान हवा के झोंकों की तीव्रता 11वें स्तर तक पहुंच सकती है। 25 अगस्त तक इसके उत्तर-पूर्वी बैक बो खाड़ी में बने रहने की संभावना है। इसके बाद, 26 अगस्त को तूफान की दिशा में बदलाव होगा और यह उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़कर चीन के दक्षिण-पश्चिमी गुआंगशी प्रांत की तटीय सीमा में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, जमीन से टकराने के बाद तूफान के कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने के आसार हैं, लेकिन तब तक यह कई इलाकों को भारी तबाही और जलभराव का दंश दे चुका होगा।

लाओस में भारी तबाही का मंजर

सबसे भयावह तस्वीरें लाओस से सामने आई हैं। यहां के 9 प्रांतों के करीब 54 जिलों में स्थित 972 गांव पूरी तरह से तूफान और मानसूनी बारिश के कारण डूब चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा से 1.87 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिसमें 44,976 परिवार शामिल हैं। दुखद रूप से अब तक 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। लगभग 7,500 से अधिक लोगों को उनके घर खाली करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें सैकड़ों घरों का ढहना, 57 स्कूलों और 9 स्वास्थ्य केंद्रों का पूरी तरह से ठप होना शामिल है। सड़कें बह जाने के कारण कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है और अनुमानित आर्थिक नुकसान 11 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

वियतनाम, म्यांमार और थाईलैंड का हाल

पड़ोसी देशों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वियतनाम में भूस्खलन के कारण 1 व्यक्ति की मौत की खबर है। लैंग सोन प्रांत में 200 से ज्यादा घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 733 घर पानी में समा गए हैं। कृषि को भारी नुकसान हुआ है और 6,000 से अधिक पशु-पक्षी मारे गए हैं। 600 से अधिक स्थानों पर भूस्खलन के कारण प्रमुख मार्ग बाधित हैं। म्यांमार में साल्विन नदी का जलस्तर बढ़ने से 65,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं और 15,000 से ज्यादा परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है। थाईलैंड के भी 10 प्रांतों में 79,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 3 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि कुछ हिस्सों में पानी कम हो रहा है, लेकिन खतरा अभी बना हुआ है।

खतरा बढ़ने के वैज्ञानिक कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई हफ्तों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमीन की जल अवशोषण क्षमता को खत्म कर दिया है। मिट्टी पहले से ही संतृप्त है, इसलिए अब तूफान नारा और मानसून के कारण हो रही 300 मिमी से अधिक बारिश जमीन सोख नहीं पा रही है। यही कारण है कि अचानक आने वाली बाढ़, नदियों के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

बचाव और राहत कार्य

आपदा के इस कठिन समय में प्रभावित देशों की सरकारें हाई अलर्ट पर हैं। लाओस, म्यांमार, वियतनाम और थाईलैंड में सेना, दमकल विभाग और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पीने का साफ पानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता भेजी जा सके। अगले 48 घंटे इन देशों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

https://hindi.news18.com/world/rest-of-world-heavy-rain-warning-tropical-cyclone-narra-alert-severe-storm-and-monsoon-threaten-southeast-asia-972-villages-flooded-10780631.html