PoK पर भारत का कानूनी हक साबित करने वाला वो ऐतिहासिक दस्तावेज कहां मौजूद है?

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK के लोग अब भारत में शामिल होने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। इस मांग के पीछे एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है जो भारत के दावे को मजबूती प्रदान करता है।

PoK में भारत वापसी की गूंज

इस वक्त पाक अधिकृत कश्मीर यानी PoK में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। वहां के स्थानीय निवासी आजादी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि वे भारत में शामिल होना चाहते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा भारत सरकार से मदद की गुहार लगाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इस पूरे मामले को केवल एक जन-आंदोलन के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसके पीछे एक मजबूत कानूनी आधार मौजूद है।

भारत के पास मौजूद है ठोस सबूत

भारत के पास PoK पर अपने दावे को पुख्ता करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। यह कागज इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता कानूनी प्रमाण है कि पाकिस्तान का वहां मौजूद होना पूरी तरह से अवैध है। यह दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत बनाता है और पाकिस्तान द्वारा किए गए अनाधिकृत दावे को सिरे से खारिज करता है।

नेशनल आर्काइव्स में सुरक्षित है रिकॉर्ड

भारत का यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रिकॉर्ड राजधानी नई दिल्ली स्थित नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया में रखा गया है। इसे वहां अत्यंत कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित रखा गया है। इसके संरक्षण के लिए एक विशेष प्रकार का वातावरण तैयार किया गया है ताकि सदियों पुराने इस दस्तावेज को सुरक्षित रखा जा सके। यही वह सरकारी रिकॉर्ड है जिसे भारत सरकार अपनी कानूनी दलीलों और दावों का मुख्य आधार मानती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे पर असर

PoK के निवासियों का भारत में विलय के लिए छटपटाना महज भावनाओं का विषय नहीं है। जब भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर PoK की स्थिति को लेकर चर्चा होती है, तो यह ऐतिहासिक दस्तावेज भारत के पक्ष को सबसे ज्यादा वजन देता है। पाकिस्तान के लिए इस दस्तावेज को झुठलाना नामुमकिन है क्योंकि यह उस समय की परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रियाओं को दर्शाता है जो कश्मीर के भारत में विलय के समय अपनाई गई थीं।

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