अमेरिका में भीषण गर्मी से पर्यटक की जान गई
दुनिया की सबसे गर्म जगहों में शुमार अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ की प्रचंड गर्मी ने एक 68 वर्षीय फ्रांसीसी पर्यटक की जान ले ली है। घटना उस समय हुई जब यह पर्यटक अपने एक साथी के साथ पार्क के सुदूर इलाके में यात्रा कर रहा था। तापमान के 47 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर जाने के कारण स्थिति इतनी भयानक हो गई कि सैलानी का दम निकल गया।
ऐसे फंसी कार और शुरू हुआ संकट
जानकारी के अनुसार, मृतक फ्रांसीसी व्यक्ति अपने साथी के साथ पार्क की वेस्ट साइड रोड से गुजर रहे थे। तभी अचानक उनकी गाड़ी कीचड़ में फंस गई। इलाके में दूर-दूर तक कोई और वाहन नहीं था और न ही वहां कोई मोबाइल नेटवर्क काम कर रहा था। ऐसी कठिन परिस्थिति में दोनों ने खुद ही मदद तलाशने का निर्णय लिया और पैदल ही मुख्य सड़क की ओर बढ़ने लगे। उस समय इलाके का तापमान लगभग 116 डिग्री फ़ॉरेनहाइट यानी करीब 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मदद की तलाश में पैदल सफर
दोनों पर्यटकों ने भीषण धूप और तपती रेत के बीच लगभग 2 किलोमीटर तक पैदल यात्रा की। हालांकि, लगातार गर्मी और थकान के कारण पियरे फॉर्मोसा की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत ज्यादा खराब होने के कारण वह आगे चलने में असमर्थ हो गए। अंत में, उनके साथी ने उन्हें वहीं छोड़कर मदद के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया ताकि किसी तरह सूचना दी जा सके।
बचाव अभियान और दुखद अंत
अंततः साथी मुख्य सड़क तक पहुंचने में कामयाब रहा, जहाँ उसे एक गुजरती हुई कार मिली और उसने राहत की सांस ली। वहां से वह फर्नेस क्रीक विजिटर सेंटर पहुंचा और दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। दोपहर करीब 2:15 बजे पार्क रेंजरों और इन्यो काउंटी के अधिकारियों ने तलाशी अभियान शुरू किया। बाद में कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल का हेलीकॉप्टर भी इस सर्च ऑपरेशन में शामिल हुआ। हेलीकॉप्टर की मदद से बैडवॉटर रोड से करीब 1.5 मील की दूरी पर फॉर्मोसा का पता चल गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सा दल ने उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया। फिलहाल उनकी मौत के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
डेथ वैली का जानलेवा मिजाज
डेथ वैली नेशनल पार्क को पृथ्वी के सबसे उष्ण स्थानों में गिना जाता है। यहाँ का तापमान इतिहास में 134 डिग्री फ़ॉरेनहाइट यानी करीब 56.7 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है, जो जुलाई 1913 में फर्नेस क्रीक में रिकॉर्ड हुआ था। इस जगह की चुनौती सिर्फ गर्मी नहीं है, बल्कि यहां का विशाल और सुनसान विस्तार भी है। यहां कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल नहीं मिलता और आपात स्थिति में मदद पहुंचने में घंटों का समय लग सकता है।
पर्यटकों के लिए जरूरी सावधानियां
प्रशासन लगातार पर्यटकों को इस तरह के दुर्गम इलाकों में जाते समय सावधानी बरतने की सलाह देता है। यात्रा से पूर्व मौसम और रास्तों की सही जानकारी होना अनिवार्य है। इसके अलावा कुछ मुख्य सुरक्षा निर्देश इस प्रकार हैं:
- हर व्यक्ति के लिए प्रतिदिन कम से कम एक गैलन पानी साथ रखना अनिवार्य है।
- यात्रा से पहले अपने वाहन की पूरी जांच जरूर कर लें।
- अत्यधिक गर्मी के दौरान पैदल लंबी यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।
- हमेशा पक्की सड़कों का ही उपयोग करें और निर्धारित रास्तों से बाहर न निकलें।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि प्रकृति के बेहद कठोर इलाकों में छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
https://hindi.news18.com/world/america-francis-tourist-died-america-death-valley-national-park-due-to-extream-heat-photogallery-10780817.html