पीली नदी के नीचे बना नया कीर्तिमान
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में चीन ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। चीन ने पीली नदी के तल के नीचे एक ऐसी सुरंग तैयार कर ली है, जो न केवल लंबाई के मामले में विशाल है, बल्कि अपनी बनावट के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। यह दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली अंडर-वॉटर यानी पानी के नीचे बनी डबल-डेकर सुरंग है, जिसे अब यातायात के लिए पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। भारत में जहां डबल-डेकर बसें चलाना भी कई बार मुश्किलों से भरा होता है, वहीं चीन ने नदी के भीतर ही दो मंजिला रास्ता बनाकर एक असंभव दिखने वाले काम को मुमकिन कर दिखाया है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत में स्थित जिनान शहर में इस शानदार सुरंग का निर्माण किया गया है। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह सुरंग इंजीनियरिंग के मानकों पर खरी उतरती है। इसकी कुल लंबाई 5,755 मीटर है। इस सुरंग की सबसे खास बात इसका सिंगल-बोर डबल-डेक डिजाइन है। इसका अर्थ यह है कि एक ही मुख्य ढांचे के भीतर दो स्तर बनाए गए हैं, जहां ऊपरी और निचली दोनों मंजिलों पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो सकेगा। सुरंग के लिए निर्धारित की गई डिजाइन स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। सुरंग का मुख्य शील्ड वाला हिस्सा करीब 3,290 मीटर लंबा है।
अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल
इतने जटिल प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए चीन ने बेहद उन्नत मशीनों का सहारा लिया। निर्माण कार्य के दौरान 17.5 मीटर के विशाल व्यास वाली टनल बोरिंग मशीन यानी TBM का इस्तेमाल किया गया। यह सुरंग पीली नदी (येलो रिवर) के अत्यंत संवेदनशील इलाकों और नदी के तटबंधों के नीचे से गुजरती है। निर्माण के दौरान विशेषज्ञों को कुल 28 तरह की बड़ी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसमें खुदाई के दौरान जमीन की स्थिरता को बनाए रखना, नदी के तटबंधों के नीचे जमीन धंसने से रोकना, सुरंग के बड़े हिस्सों को तैरने से बचाना और खुदाई से निकलने वाली भारी मात्रा में कीचड़ यानी स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटान करना शामिल था।
निर्माण के दौरान बने विश्व रिकॉर्ड
चीन की इंजीनियरिंग टीम ने इस परियोजना के दौरान कार्यक्षमता के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। काम की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की। इसके अलावा, एक महीने के भीतर 426 मीटर की दूरी तय करना भी एक बड़ी उपलब्धि रही। 17 मीटर क्लास की शील्ड टनलिंग में यह एक विश्व रिकॉर्ड माना जा रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि चीन की निर्माण क्षमता और आधुनिक तकनीक का स्तर कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
चीन की बदलती वैश्विक इंजीनियरिंग धाक
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने निर्माण उद्योग में अपनी क्षमताओं का काफी विस्तार किया है। शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में चीन अब दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। ड्रैगन केवल इस सुरंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह समुद्र के नीचे भी कई अन्य बड़ी सुरंगों के निर्माण पर काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का टनल बोरिंग मशीन उद्योग अब केवल मशीनों के बड़े पैमाने पर उपयोग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र अब ज्यादा स्मार्ट, अधिक कुशल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
पीली नदी जैसी चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील नदी के नीचे ऐसी सुरंग बनाना कोई साधारण कार्य नहीं था। यह परियोजना चीन की दृढ़ इच्छाशक्ति, कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता और आधुनिक तकनीक के सटीक मेल का प्रमाण है। यह सुरंग सिर्फ एक परिवहन मार्ग नहीं है, बल्कि यह चीन की बढ़ती तकनीकी शक्ति और भविष्य की महात्वाकांक्षी इंजीनियरिंग परियोजनाओं की एक झलक है। अब जबकि यह सुरंग पूरी तरह चालू हो चुकी है, यह आसपास के क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के साथ ही विश्व इंजीनियरिंग जगत में चीन के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ चुकी है।
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