सावन के अंतिम सोमवार का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में सावन का महीना देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए सबसे उत्तम काल माना गया है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार के व्रतों का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। पंडित योगेश शास्त्री के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार के दिन यदि भक्त पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो उन्हें जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। इस दिन की गई पूजा न केवल कष्टों को दूर करती है, बल्कि साधक की सभी मनोकामनाओं को भी पूर्ण करने में सहायक होती है।
पूजन की विधि और तैयारी
सावन के अंतिम सोमवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव के समक्ष जाकर उन्हें साष्टांग प्रणाम करें। पूजा की शुरुआत सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध गंगाजल अर्पित करके करें। इसके बाद गाय के कच्चे दूध, दही, देसी घी, शहद और शर्करा यानी चीनी का मिश्रण बनाकर पंचामृत तैयार करें। इस पंचामृत से महादेव का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर भांग का लेपन करें। इसके साथ ही बेलपत्र, मदार के फूल, धतूरा, शमी पत्र और शमी के फूल श्रद्धा के साथ अर्पित करें। माना जाता है कि इस विधि से पूजन करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
संतान सुख प्राप्ति के लिए तंडुलकम उपाय
अगर कोई दंपत्ति लंबे समय से संतान प्राप्ति की इच्छा रखता है या इस मार्ग में किसी प्रकार की बाधाओं का सामना कर रहा है, तो उन्हें सावन के अंतिम सोमवार को 'तंडुलकम' उपाय अवश्य करना चाहिए। इस उपाय के लिए चावल उबालने के बाद बचे हुए पानी यानी मांड को अच्छी तरह से ठंडा कर लें। इसके बाद उस मांड में थोड़ी सी शर्करा या चीनी मिला लें। अब महादेव का ध्यान करते हुए इस मिश्रण से शिवलिंग का अभिषेक करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से संतान प्राप्ति में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।
आर्थिक तंगी दूर करने के सिद्ध उपाय
व्यापार में नुकसान, धन की कमी या आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए सावन का आखिरी सोमवार विशेष फलदायी हो सकता है। यदि आप आर्थिक समस्याओं से घिरे हैं, तो शिवलिंग का अभिषेक गन्ने के रस या गुड़ मिले हुए जल से करें। इसके अलावा यदि आप धन लाभ चाहते हैं और चाहते हैं कि माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे, तो ताजे अनार के रस से महादेव का अभिषेक करना बहुत शुभ माना गया है।
जो लोग कर्ज या भारी दरिद्रता से जूझ रहे हैं, उन्हें 108 साबुत यानी अखंडित गेहूं के दाने लेने चाहिए। इन दानों को एक-एक करके शिवलिंग पर अर्पित करें। इस दौरान निरंतर 'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ धनेश्वराय नमः' मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए। यह उपाय घर में बरकत लाता है और धन के नए रास्ते खोलता है।
समय की कमी होने पर मानसिक पूजा का विधान
कई बार लोग अपनी नौकरी, व्यापार या अन्य जिम्मेदारियों के कारण मंदिर जाने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जो लोग व्यस्त हैं, वे भगवान शिव की 'मानसिक पूजा' कर सकते हैं। इसके लिए किसी शांत स्थान पर बैठकर अपनी आंखें बंद करें। मन ही मन शिवलिंग की कल्पना करें और ध्यान करें कि आप उन पर गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन और पवित्र भाव से मानसिक पूजा करता है, तो उसे प्रत्यक्ष पूजा के समान ही पुण्य और फल की प्राप्ति होती है।
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