हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: सिरमौर में भूस्खलन से 3 लोगों की मौत, सुजानपुर टीहरा में रिकॉर्ड 156.4 MM बारिश और बंगाणा में स्कूल-कॉलेज बंद

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण भारी तबाही मची है, जिससे सिरमौर में तीन लोगों की जान चली गई है और बंगाणा में सुरक्षा के मद्देनजर सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की भीषण बारिश ने एक बार फिर से भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे राज्य में सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते 24 घंटों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जहां एक ओर सिरमौर जिले में हुए एक बड़े भूस्खलन में मलबे की चपेट में आने से तीन लोगों की असमय मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन ने सभी स्कूल और कॉलेजों को तुरंत प्रभाव से बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कांगड़ा के देहरा से खबर आई है जहां तेज बहाव की चपेट में आने से एक कार नदी में बह गई। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में अगले तीन दिनों के लिए मौसम का येलो अलर्ट जारी कर दिया है। वर्तमान में मंडी, कुल्लू, ऊना और कांगड़ा जैसे पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है।

सिरमौर में बड़ा हादसा: मलबे में दबे तीन लोग

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन का खतरा बेहद बढ़ गया है। सिरमौर जिले के कमरऊ तहसील के अंतर्गत आने वाले बागनाधार स्थित बाँगनधार माइनिंग क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां भारी भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबे इन लोगों के शवों को लगातार हो रही बाधाओं के कारण अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:

  • अनिल कुमार, निवासी बड़वास (स्थानीय)
  • गजेंद्र सिंह (उम्र 65 वर्ष), निवासी नेपाल
  • धन सिंह (उम्र 68 वर्ष), निवासी नेपाल

लगातार गिर रहे मलबे और क्षेत्र में छाए घने कोहरे के कारण स्थानीय राहत एवं बचाव दल को ऑपरेशन चलाने में काफी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर डटी हुई हैं और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए NDRF की टीम को भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। सिरमौर की DC प्रियंका वर्मा ने इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बाँगनधार माइनिंग क्षेत्र में हुए हादसे में तीन लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें दो नेपाली मूल के नागरिक और एक स्थानीय निवासी शामिल हैं। हालांकि, एक राहत की खबर यह रही कि मातर में फंसे स्कूली बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।

सुजानपुर टीहरा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

मौसम विभाग के शिमला केंद्र द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछले 12 घंटों के दौरान हमीरपुर जिले के सुजानपुर टीहरा में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्ज की गई बारिश के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • सुजानपुर टीहरा: 156.4 मिलीमीटर
  • नैना देवी (बिलासपुर): 138.6 मिलीमीटर
  • नादौन: 128.4 मिलीमीटर
  • धर्मशाला: 127.2 मिलीमीटर
  • भरवाईं: 118.0 मिलीमीटर
  • कांगड़ा: 111.0 मिलीमीटर
  • पालमपुर: 111.0 मिलीमीटर
  • नगरोटा सूरियां: 90.8 मिलीमीटर

इस मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों के नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और सड़कों पर मलबा आने से परिवहन ठप हो गया है।

सड़कें बंद और बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमराया

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 10:00 बजे तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बुनियादी सेवाओं को भारी नुकसान पहुंचा है, जिनका विवरण इस प्रकार है:

  • पूरे राज्य में कुल 279 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।
  • कुल 310 पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है।
  • कुल 84 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं, जिससे कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है।

यातायात और बिजली-पानी की समस्याओं से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में चंबा, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और शिमला शामिल हैं। प्रशासन लगातार बंद पड़े मार्गों को खोलने और बुनियादी सेवाओं को बहाल करने के काम में जुटा हुआ है।

चंबा और कांगड़ा में महसूस किए गए भूकंप के झटके

एक तरफ जहां प्रदेश भारी बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को आए भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया। चंबा और कांगड़ा जिलों में मध्यम तीव्रता के दो अलग-अलग भूकंप दर्ज किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • पहला भूकंप मंगलवार शाम को 6 बजकर 54 मिनट पर चंबा जिले में महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र करेरी के समीप जमीन से महज 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
  • इसके ठीक 45 मिनट बाद कांगड़ा जिले में भी इतनी ही गहराई (5 किलोमीटर) पर समान तीव्रता वाला एक और भूकंप दर्ज किया गया।

चूंकि इन दोनों भूकंपों का केंद्र जमीन के काफी करीब था, इसलिए इनके झटके लोगों को बहुत तेज महसूस हुए, जिसके कारण घबराकर लोग अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। राहत की बात यह रही कि अधिकारियों के अनुसार अब तक इस भूकंप से किसी के हताहत होने या इमारतों को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। चंबा और कांगड़ा दोनों ही क्षेत्र भूकंपीय जोन-5 के अंतर्गत आते हैं, जिन्हें आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

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