क्या अंडकोष के बिना जीवित रह सकता है इंसान? जानें 2 करोड़ की अफवाह और शरीर पर होने वाले बदलावों का सच

भोपाल में अंडकोष की तस्करी और हत्या के एक वीभत्स मामले ने सबको चौंका दिया है। क्या अंडकोष वाकई करोड़ों में बिकते हैं और इनके बिना शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, आइए जानते हैं इसका पूरा मेडिकल सच।

भोपाल का सनसनीखेज मामला और मानव अंग तस्करी

हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर और तीन नाबालिगों सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महज 100 रुपये का लालच देकर एक 17 साल के लड़के को अपने जाल में फंसाया और उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने लड़के के शरीर से अंडकोष निकाल लिए। उनका मकसद इन अंडकोषों को 2 करोड़ रुपये में बेचना था। हालांकि, खरीदार न मिलने की स्थिति में उन्होंने इन अंगों को एक तालाब के पास फेंक दिया। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच मानव तस्करी और अंग व्यापार के दृष्टिकोण से कर रही है।

क्या बिना अंडकोष के व्यक्ति जीवित रह सकता है?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इसका सीधा सा उत्तर है हां। एक पुरुष अंडकोष के बिना भी जीवित रह सकता है। कई बार मेडिकल स्थितियों में जैसे कि टेस्टिकुलर कैंसर, किसी गंभीर दुर्घटना या संक्रमण के कारण सर्जरी के जरिए अंडकोष को निकालना पड़ता है। चिकित्सा की भाषा में इस प्रक्रिया को Orchiectomy कहा जाता है। यह सर्जरी सीधे तौर पर जीवन के लिए खतरा नहीं होती है और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

क्या अंडकोष की कीमत 2 करोड़ रुपये हो सकती है?

यह पूरी तरह से एक मिथक और इंटरनेट पर फैली हुई एक निराधार अफवाह है। मानव अंगों की तस्करी के काले बाजार में अंडकोष की कोई भी आधिकारिक या अनौपचारिक कीमत 2 करोड़ रुपये जैसी नहीं होती है। यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और गलत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किडनी, लिवर या हार्ट की तरह टेस्टिकल ट्रांसप्लांट (अंडकोष का प्रत्यारोपण) मेडिकल साइंस में कोई मानक या स्वीकृत प्रक्रिया नहीं है। इसमें कई नैतिक और आनुवंशिक जटिलताएं शामिल होती हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति में दूसरे का अंडकोष ट्रांसप्लांट किया जाए, तो उससे पैदा होने वाला बच्चा प्राप्तकर्ता का नहीं, बल्कि दाता (Donor) का डीएनए (DNA) कैरी करेगा, जो चिकित्सा और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ी बाधा है।

शरीर पर होने वाले प्रभाव

अंडकोष शरीर में दो सबसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं: पहला टेस्टोस्टेरोन नामक पुरुष हार्मोन का निर्माण करना और दूसरा शुक्राणुओं (Sperm) का उत्पादन करना। यदि किसी पुरुष के दोनों अंडकोष निकाल दिए जाते हैं, तो शरीर में निम्नलिखित गंभीर बदलाव आते हैं:

  • प्रजनन क्षमता का अंत: शुक्राणुओं का उत्पादन पूरी तरह से रुक जाता है, जिससे व्यक्ति प्राकृतिक रूप से पिता बनने की क्षमता खो देता है।
  • हार्मोनल असंतुलन: शरीर में पुरुष हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन का बनना बंद हो जाता है, जिससे पूरे शरीर के चयापचय पर असर पड़ता है।
  • शारीरिक बनावट में बदलाव: चेहरे और शरीर के बालों का विकास धीमा हो जाता है या वे पूरी तरह कम हो जाते हैं। इसके साथ ही मांसपेशियों की ताकत में कमी आती है और शरीर में वसा (Fat) का संचय बढ़ने लगता है।
  • हड्डियों की कमजोरी: टेस्टोस्टेरोन की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
  • कामेच्छा और ऊर्जा में कमी: यौन इच्छा (Libido) में अत्यधिक गिरावट देखी जाती है और व्यक्ति को हमेशा थकान व कमजोरी महसूस होती है।
  • मानसिक प्रभाव: मूड स्विंग्स, अत्यधिक चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं।

TRT के जरिए जीवन

मेडिकल साइंस में अंडकोष न होने की स्थिति में उत्पन्न होने वाली इन समस्याओं का समाधान मौजूद है। इसके लिए डॉक्टर्स टीआरटी यानी Testosterone Replacement Therapy का उपयोग करते हैं। इस थेरेपी के जरिए शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को नियंत्रित रखा जाता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति एक सामान्य जीवन व्यतीत करने में सक्षम हो सकता है। यह स्पष्ट है कि जो तस्करी के नाम पर करोड़ों रुपये का लालच देते हैं, वे केवल अपराध की दुनिया के भ्रम जाल फैला रहे हैं जिसका वैज्ञानिक या बाजार मूल्य से कोई लेना-देना नहीं है।

https://hindi.news18.com/news/knowledge/can-men-survive-without-testicles-sell-for-2-crore-rupees-and-what-changes-occur-in-body-if-they-are-removed-know-medical-or-science-10760251.html