बुंदेलखंडी नींबू-मिर्च का अचार: दादी-अम्मा के नुस्खे से बनाएं विटामिन-सी से भरपूर चटपटी डिश

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की पारंपरिक विधि से सीखें खट्टा-तीखा और मसालेदार नींबू-मिर्च का अचार बनाने की आसान रेसिपी जो सेहत के लिए भी है फायदेमंद।

बुंदेलखंड का पारंपरिक स्वाद

मध्य प्रदेश का छतरपुर जिला अपने खान-पान के लिए काफी प्रसिद्ध है। विशेषकर बारिश के मौसम में यहां के हर घर में नींबू और मिर्च के चटपटे अचार की मांग बढ़ जाती है। बुंदेलखंडी भोजन की थाली में यदि अचार न हो, तो खाने का स्वाद अधूरा सा लगता है। छतरपुर की रहने वाली अम्मा केशकली के अनुसार, उनके क्षेत्र में वर्षों से नींबू और मिर्च का यह विशेष अचार बनाया जा रहा है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत रखने में भी काफी मददगार साबित होता है।

विटामिन-सी का पावरहाउस

नींबू को विटामिन-सी का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। इस अचार का सेवन करने से बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। जब नींबू को खास भारतीय मसालों के साथ मिलाकर अचार का रूप दिया जाता है, तो इसके स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ जाते हैं। यह न केवल पेट को हल्का रखता है, बल्कि गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है।

अचार बनाने की सरल विधि

अम्मा केशकली ने इस अचार को बनाने का तरीका बेहद आसान बताया है। इसे तैयार करने के लिए आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले बाजार से ताजे और पतले छिलके वाले नींबू खरीदकर लाएं।
  • नींबू को पानी से अच्छी तरह धोकर बिल्कुल सुखा लें और फिर इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • एक बड़े बर्तन में कटे हुए नींबू के टुकड़े लें और उनमें स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, मेथी दाना, कलौंजी और थोड़ा सा काला नमक मिलाएं।
  • यदि आपको थोड़ा मीठापन पसंद है, तो आप इसमें चुटकी भर चीनी भी शामिल कर सकते हैं।
  • मसालों को नींबू के साथ अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे 2 से 3 दिन के लिए कड़क धूप में रखें। इससे मसाले नींबू के अंदर तक समा जाते हैं और छिलका नरम हो जाता है।

अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के टिप्स

धूप में रखने के बाद अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष प्रक्रिया अपनानी होती है। एक पैन में थोड़ा सा तेल गरम करें। इसमें राई या सरसों का तेल इस्तेमाल करना सबसे बेहतर रहता है। तेल को धुआं आने तक गरम करें और फिर उसे पूरी तरह से ठंडा होने के लिए छोड़ दें। अब इस ठंडे तेल को नींबू-मसाले के मिश्रण में डालकर अच्छे से मिला लें। इसके बाद अचार को एक साफ और पूरी तरह सूखे कांच के मर्तबान या जार में भरकर रख दें। अब इस जार को अगले 4 से 5 दिनों तक दोबारा धूप में रखें। इससे अचार का स्वाद पूरी तरह उभर कर आएगा और यह लंबे समय तक खराब नहीं होगा।

हर व्यंजन का खास साथी

बुंदेलखंडी नींबू-मिर्च का यह अचार घर की रसोई में बने साधारण खाने का जायका दोगुना कर देता है। चाहे दाल-चावल हो, कुरकुरी पूड़ी हो या फिर गरमा-गरम पराठे, हर डिश के साथ यह अचार एकदम शानदार लगता है। बाजार में मिलने वाले मिलावटी अचार की तुलना में घर पर तैयार किया गया यह नींबू का अचार न केवल ज्यादा शुद्ध और पौष्टिक होता है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है। यदि आप भी इस मौसम में कुछ नया और स्वास्थ्यवर्धक ट्राई करना चाहते हैं, तो घर पर इस पारंपरिक तरीके से नींबू-मिर्च का अचार जरूर बनाएं। यह न केवल आपकी थाली की शोभा बढ़ाएगा बल्कि स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखेगा।

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