धौलपुर सनसनी: सोशल मीडिया पर रील बनाने की जिद में दोस्त ने ही दोस्त को मारी गोली, 24 घंटे में सुलझी हत्या की गुत्थी

राजस्थान के धौलपुर में सोशल मीडिया रील बनाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक नाबालिग ने अपने ही दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।

राजस्थान के धौलपुर जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया के बढ़ते पागलपन और किशोरों में घटते धैर्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज एक छोटी सी रील बनाने की जिद और वर्चस्व की लड़ाई में एक दोस्त ने अपने ही जिगरी दोस्त की जान ले ली। सैपऊ थाना क्षेत्र के तसीमो गांव में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिसे पहले कोई बड़ी रंजिश या किसी बाहरी बदमाश की करतूत माना जा रहा था, वह असल में महज सोशल मीडिया की रील बनाने के विवाद में की गई हत्या निकली।

सोशल मीडिया का जानलेवा क्रेज और दो दोस्तों की कहानी

पुलिस की जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि तसीमो गांव के रहने वाले 16 वर्षीय सौरभ कुशवाह और उनके 15 वर्षीय नाबालिग दोस्त को सोशल मीडिया पर रील बनाने की बेहद गंभीर लत थी। दोनों ही किशोर फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार वीडियो और रील बनाकर अपलोड करते रहते थे। उनके बीच अक्सर इस बात को लेकर होड़ मची रहती थी कि किसके वीडियो पर ज्यादा व्यूज आ रहे हैं और कौन ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। सोशल मीडिया पर खुद को लोकप्रिय साबित करने की यह होड़ धीरे-धीरे दोनों के बीच एक अनकही प्रतिद्वंद्विता में बदल गई थी।

11 अगस्त को भी दोनों दोस्तों ने रोजाना की तरह एक नई रील बनाने की योजना बनाई थी। उन्हें नहीं पता था कि यह योजना उनके जीवन की आखिरी योजना साबित होने वाली है। दोपहर के समय दोनों घर से निकले और गांव के ही एक सुनसान इलाके की तरफ बढ़ गए, जहां अमूमन लोगों का आना-जाना कम होता था ताकि वे बिना किसी खलल के अपना वीडियो रिकॉर्ड कर सकें।

घटनाक्रम: एक मामूली विवाद और चली गोली

घटना वाले दिन यानी 11 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे, सौरभ कुशवाह और उसका नाबालिग साथी तसीमो गांव में स्थित एक अधूरी पड़ी कॉलेज की इमारत के पास पहुंचे थे। यह इमारत खंडहरनुमा हालत में थी और इसकी बाउंड्री वॉल के पास दोनों ने अपने मोबाइल से रील की शूटिंग शुरू की। रील बनाने के दौरान ही दोनों के बीच इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई कि कैमरे के सामने पहले कौन आएगा और शूटिंग की शुरुआत किसके शॉट से होगी।

विवाद का मुख्य कारण यह था कि रील की शुरुआत में पहले कौन दिखेगा। देखते ही देखते यह छोटी सी बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखी बहस होने लगी। दोनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी बीच, आवेश में आकर 15 वर्षीय नाबालिग दोस्त ने अपने पास छिपाकर रखा हुआ एक अवैध हथियार निकाल लिया। इससे पहले कि सौरभ कुछ समझ पाता या खुद को बचा पाता, उसके दोस्त ने बेहद करीब से सौरभ के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सौरभ लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा, और आरोपी दोस्त मौके से फरार हो गया।

गंभीर हालत में अस्पताल और रास्ते में मौत

तसीमो गांव की उस अधूरी पड़ी कॉलेज की बाउंड्री वॉल के पास सौरभ कुशवाह गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। जब कुछ स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी, तो हड़कंप मच गया। तुरंत ही घटना की जानकारी सौरभ के परिजनों को दी गई। बदहवास परिजन आनन-फानन में घायल सौरभ को इलाज के लिए धौलपुर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

धौलपुर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत सौरभ का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन उसके सिर में गोली लगने के कारण उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। स्थिति को बिगड़ता देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत आगरा रेफर कर दिया। परिजन बिना समय गंवाए सौरभ को एम्बुलेंस से आगरा लेकर रवाना हुए। लेकिन आगरा ले जाते समय रास्ते में ही सौरभ की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। जब परिजन उसे लेकर आगरा के अस्पताल पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद सौरभ को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस की मुस्तैदी और 24 घंटे में अंधा कत्ल बेपर्दा

दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस के लिए यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था, क्योंकि शुरुआत में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था और न ही कोई सुराग हाथ लग रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धौलपुर के पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने तुरंत मामले की कमान संभाली। उनके निर्देश पर सैपऊ थाना पुलिस के साथ-साथ स्पेशल टीम धौलपुर और साइबर सेल की टीम को भी इस रहस्यमयी हत्याकांड की जांच में लगाया गया।

पुलिस की विभिन्न टीमों ने घटनास्थल का बड़ी ही बारीकी से निरीक्षण किया। मौके से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए FSL टीम और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई। इसके साथ ही, पुलिस ने स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी इनपुट जुटाने शुरू किए। जब पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद से मृतक के मोबाइल और सोशल मीडिया एक्टिविटी को खंगाला, तो अंतिम समय में उसके साथ मौजूद रहने वाले लोगों की सूची में उसके 15 वर्षीय नाबालिग दोस्त का नाम सामने आया।

पुलिस ने संदेह के आधार पर उस नाबालिग दोस्त को हिरासत में लिया और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और कड़े सवाल सामने रखे, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि रील बनाने के विवाद में ही उसने सौरभ के सिर में गोली मारी थी। पुलिस ने आरोपी किशोर को निरुद्ध कर लिया है।

बिना किसी पुरानी रंजिश के खौफनाक वारदात

धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के अनुसार, इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों दोस्तों के बीच पहले से कोई पुरानी रंजिश, दुश्मनी या पैसों का कोई विवाद नहीं था। दोनों अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ ही उठते-बैठते थे। महज सोशल मीडिया पर रील बनाने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ झगड़ा इस खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर 15 वर्षीय नाबालिग के पास वह अवैध हथियार कहां से आया, जिससे उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए उस अवैध हथियार को बरामद करने और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाने में जुटी हुई है।

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