रांची के 3 प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर, जहाँ आस्था की डोर खींच लाती है श्रद्धालुओं को

झारखंड की राजधानी रांची में खाटू श्याम जी महाराज के तीन अत्यंत भव्य मंदिर स्थित हैं, जहाँ भक्तों की अपार श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ता है। यहाँ की अलौकिक सुंदरता और भंडारे का स्वाद भक्तों को बार-बार अपनी ओर आकर्षित करता है।

रांची में श्याम बाबा की महिमा

झारखंड की राजधानी रांची में खाटू श्याम जी महाराज के प्रति भक्तों की आस्था देखते ही बनती है। शहर के भीतर ऐसे तीन भव्य मंदिर मौजूद हैं, जहाँ की सुंदरता और सकारात्मक ऊर्जा भक्तों का मन मोह लेती है। ऐसा माना जाता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ अपनी अर्जी लेकर पहुँचता है, श्याम बाबा उसकी हर मनोकामना को अवश्य पूरा करते हैं। इन मंदिरों की महिमा इतनी अधिक है कि यहाँ दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं।

किशोरगंज मंदिर का अनोखा भंडारा

रांची के किशोरगंज स्थित खाटू श्याम मंदिर अपनी भव्यता और अद्भुत भंडारे के लिए पूरे शहर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की एक बड़ी विशेषता यहाँ का साप्ताहिक भंडारा है, जो हर शुक्रवार को आयोजित किया जाता है। भक्ति और उत्साह से भरे इस आयोजन में शामिल होने के लिए भक्त घंटों तक लंबी कतारों में इंतजार करते हैं। मंदिर में महाराज का श्रृंगार सोने के हारों से किया जाता है, जिसे देखकर भक्त भाव-विभोर हो जाते हैं। यहाँ का वातावरण इतना भक्तिमय हो जाता है कि लोग कीर्तन के दौरान झूमने, गाने और कई बार आनंद में रोने तक लगते हैं।

इस भंडारे की खासियत यह है कि यहाँ भोजन का स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा होता है, जिसमें मुख्य रूप से इडली, सांभर और वड़ा परोसा जाता है। लोग इस भोजन का स्वाद लेने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर से भी आते हैं। यहाँ अनुशासन का इतना पालन होता है कि 1 किलोमीटर लंबी लाइन में भी भक्त शांति के साथ अपनी बारी का इंतजार करते हैं। एक बार जो भक्त यहाँ का प्रसाद ग्रहण कर लेता है, वह बार-बार यहाँ आने को मजबूर हो जाता है।

अग्रसेन भवन के पास स्थित मंदिर

रांची के अग्रसेन भवन के ठीक सामने खाटू श्याम जी महाराज का एक अन्य भव्य मंदिर स्थित है। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य अमित के अनुसार, यहाँ भी नियमित रूप से भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें शाम के समय खीर और खिचड़ी जैसे विशेष प्रसाद का वितरण किया जाता है। भक्त इन आयोजनों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। यहाँ आने वाले लोगों का मानना है कि श्याम बाबा के दरबार में कोई भी कभी खाली हाथ नहीं लौटता। बस शर्त यह है कि आपकी आस्था सच्ची होनी चाहिए और मन में अटूट धैर्य का भाव हो। यहाँ के अनुभवों को साझा करते हुए कई भक्त बताते हैं कि उन्होंने ऐसी मुरादें पूरी होते देखी हैं, जो असंभव सी जान पड़ती थीं।

रातू रोड का खाटू श्याम मंदिर

शहर के रातू रोड इलाके में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ हर शाम अत्यंत भव्य आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या परेशानी से गुजर रहा हो, तो यहाँ की शाम की आरती में शामिल होना उसके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। माना जाता है कि आरती में सम्मिलित होते ही मन को एक अजीब सी शांति मिलती है और सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं।

मंदिर के पुजारी तारकेश्वर के अनुसार, यहाँ नियमित रूप से सुबह और शाम पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर केवल दोपहर के समय कुछ देर के लिए बंद किया जाता है। यहाँ भी जो भक्त सच्चे दिल से अपनी प्रार्थना रखते हैं, बाबा उनकी मुरादें जरूर पूरी करते हैं। इस मंदिर की एक विशेष बात यह है कि प्रतिदिन भक्तों को ही श्याम बाबा का श्रृंगार करने का अवसर मिलता है। इच्छुक भक्त अपनी बारी आने पर स्वयं बाबा का श्रृंगार कर पुण्य के भागी बनते हैं।

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