NEET और छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन और नीट परीक्षा के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है। शाह ने कहा कि वे विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संसद में चर्चा को लेकर बढ़ती सरगर्मी

लोकसभा के भीतर जारी गहमागहमी के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सदन में छात्र आंदोलन और नीट परीक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा कराई जाए। एक ओर जहां सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए अपनी तत्परता दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने टिप्पणी की है कि वे अमित शाह का भाषण सुनने में रुचि नहीं रखते हैं।

पत्र में गृह मंत्री का रुख

अमित शाह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार की तरफ से नीट परीक्षा और छात्रों से जुड़े आंदोलनों पर चर्चा के लिए पहले ही सहमति जता दी है। पत्र में आगे कहा गया है कि मौजूदा सत्र के दौरान पेपर लीक से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा हो चुकी है, जिसमें विपक्ष के किसी भी सदस्य ने सदन में नीट परीक्षा को लेकर कोई सुझाव या विचार पेश नहीं किए थे। इसके बावजूद, सरकार एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

अमित शाह ने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि वे विपक्ष के साथ बातचीत कर समय तय करें। उन्होंने लिखा है कि चाहे आज से चर्चा शुरू हो या जितने भी घंटे आवश्यक हों, सदन में समय आवंटित किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया है कि निर्धारित समय पर वे सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देंगे।

सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष पर हंगामा करने का आरोप

पत्र लिखने से पूर्व अमित शाह ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार किसी भी विषय पर बहस करने से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष सदन के भीतर चर्चा ही नहीं करना चाहता। अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अब उन्हें यह तय करना होगा कि वे सदन में सार्थक चर्चा चाहते हैं या केवल हंगामा। उन्होंने कहा कि आज दोपहर 3 बजे से लेकर कल दोपहर 3 बजे तक का पर्याप्त समय उपलब्ध है, यदि विपक्ष तैयार हो तो चर्चा संपन्न कराई जा सकती है।

अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का भी खंडन किया। अमित शाह ने कहा कि उन्हें लापता या भगोड़ा जैसे शब्दों से संबोधित किया जा रहा है, जबकि सत्र शुरू होने के बाद से वे नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में बैठ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष स्वयं सदन की कार्यवाही चलने नहीं दे रहा है, तो सरकार इसमें क्या कर सकती है।

https://www.indiatv.in/india/politics/home-minister-amit-shah-wrote-letter-lok-sabha-speaker-demanding-a-discussion-on-the-student-movement-parliament-2026-08-12-1236861