नीति घाटी में मची तबाही
उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने भारी कहर बरपाया है। नीति घाटी के तमक क्षेत्र में सोमवार को बादल फटने की घटना के बाद से ही इलाके में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस आपदा के कारण न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के सामने भी भारी संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन और बचाव दल लगातार मौके पर मुस्तैद हैं और राहत कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है।
लापता ड्राइवर की तलाश जारी
बादल फटने की इस घटना के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) के ओसी (Officer Commanding) के ड्राइवर के लापता होने की सूचना मिली है। रात भर NDRF की टीम ने लापता ड्राइवर की तलाश में अभियान चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। आज भी NDRF की टीम लापता व्यक्ति को खोजने के लिए रवाना हो चुकी है। बचाव कार्य में कुल 27 जवान जुटे हुए हैं, जिनमें से 15 जवानों को विशेष रूप से लापता व्यक्ति की खोजबीन के काम में लगाया गया है।
संपर्क मार्ग कटे और यातायात बाधित
आपदा के कारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर गहरा असर पड़ा है। करीब 40 मीटर लंबा एक पुल पूरी तरह से बह गया है, जिसके चलते 13 से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। इसके अलावा सेना की अग्रिम चौकियों तक जाने वाला मार्ग भी बाधित है। प्रशासन का कहना है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ते बनाने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर नीति-मलारी नेशनल हाईवे को भी यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
चारधाम यात्रा पर असर
जिले में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पागल नाला के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया है। इस कारण मार्ग के दोनों ओर चारधाम यात्रा पर आए यात्री फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार से फोन पर पूरी जानकारी ली है। सांसद ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बचाव कार्यों में और तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अगले 24 घंटे अलर्ट पर उत्तराखंड
मौसम विभाग ने आने वाले समय को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड के 12 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। इसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी शामिल हैं।
प्रशासन की अपील
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र स्थिति पर 24x7 नजर रखे हुए है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने आम जनता और पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें। साथ ही, नदी-नालों और बरसाती जलधाराओं के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
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