भोपाल में बाढ़ जैसे हालात
राजधानी भोपाल में बीते कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही इस अतिवृष्टि के कारण शहर के जल निकायों का स्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिससे प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रसिद्ध बड़े तालाब के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
बड़े तालाब में पानी का स्तर
लगातार हो रही बारिश का सीधा असर बड़े तालाब के जलस्तर पर पड़ रहा है। रविवार को तालाब का जलस्तर 1659.40 फीट दर्ज किया गया था, जो अब बढ़कर 1661.50 फीट तक पहुंच चुका है। यानी पिछले कुछ घंटों में ही जलस्तर में लगभग 2 फीट की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बड़े तालाब का कुल फुल टैंक लेवल (FTL) 1666.80 फीट निर्धारित है। मौसम के मिजाज और आसपास के इलाकों में जारी वर्षा को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ घंटों में जलस्तर में 1 फीट तक की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
बाणगंगा इलाके में कलेक्टर का निरीक्षण
बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें बाणगंगा का इलाका सबसे अधिक प्रभावित है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बाणगंगा की संकरी गलियों में पैदल चलकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि प्रभावित नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और नालों व नालियों की सफाई को युद्धस्तर पर पूरा करने के आदेश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सफाई और जल निकासी के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भविष्य में ऐसी जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान खोजने पर भी जोर दिया है ताकि मानसून के दौरान जनता को बार-बार दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
स्कूलों में अवकाश का ऐलान
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि माना है। कलेक्टर के आधिकारिक आदेश के अनुसार, 11 अगस्त को भोपाल जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। यह अवकाश नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और बच्चों को घरों के भीतर ही रखें।
https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/bhopal-rain-bada-talab-water-level-high-banganga-waterlogging-collector-inspection-school-closed-11-august-local18-10737403.html