कार्रवाई में हेरफेर का आरोप
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध शराब की तस्करी और पुलिस द्वारा की गई छापेमारी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में पुलिस के दावों और आधिकारिक दस्तावेजों में भारी अंतर सामने आया है, जिसके कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान 32 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी, लेकिन जब मामला दर्ज किया गया तो रिकॉर्ड में केवल 25 पेटी ही दिखाई गई। इस तरह से 7 पेटी शराब का हिसाब-किताब पूरी तरह से गायब है।
बाइक छोड़ने का भी आरोप
सिर्फ शराब की पेटियों का गायब होना ही विवाद का कारण नहीं है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लग रहे हैं कि शराब के साथ एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी, जिसे पुलिस थाने लाई थी। हालांकि, आरोप है कि रात के अंधेरे में उस मोटरसाइकिल को छोड़ दिया गया। इस घटना ने पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
घटना का पूरा ब्योरा
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रामपुर कलां थाना क्षेत्र के सेमना और जोंसिल गांव से संबंधित है। एक ही रात में पुलिस ने इन दोनों गांवों में बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया था। शुरुआत में यह चर्चा थी कि सेमना से 7 पेटी और जोंसिल से करीब 30 पेटी शराब पकड़ी गई है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत जो मामला दर्ज किया गया, उसमें केवल जोंसिल से बरामद 25 पेटी शराब का ही उल्लेख है। पुलिस के बयानों के अनुसार, मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर नीले रंग के एक स्वराज ट्रैक्टर की तलाशी ली गई थी। इस छापेमारी में 25 पेटी अवैध शराब जब्त की गई है और इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1 आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
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