जयपुर के बस्सी में उधार कपड़ा न मिलने पर बवाल, दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट के सभी 6 आरोपी 16 घंटे में गिरफ्तार

जयपुर ग्रामीण के बस्सी इलाके में उधार कपड़े नहीं देने पर कुछ युवकों ने एक दुकान में तोड़फोड़ कर कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 16 घंटे में सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जयपुर ग्रामीण के बस्सी क्षेत्र से गुंडागर्दी और सरेराह तोड़फोड़ की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां मात्र उधार कपड़े नहीं देने जैसी छोटी सी बात पर उपजे विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि आधा दर्जन युवकों ने मिलकर एक कपड़े की दुकान पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने दुकान के मुख्य कांच के गेट को चकनाचूर कर दिया और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद स्थानीय बाजार में हड़कंप मच गया। हालांकि, सूचना मिलते ही बस्सी थाना पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज 16 घंटे के भीतर सभी 6 आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से खुश होकर स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के समर्थन में नारे लगाए और अधिकारियों का आभार प्रकट किया।

उधार कपड़ों के लिए फोन पर शुरू हुआ था पूरा विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, बस्सी में स्थित इस कपड़े की दुकान के मालिक ललित सैनी शनिवार शाम को किसी व्यावसायिक सिलसिले में दिल्ली गए हुए थे। इसी दौरान, शनिवार शाम को करीब 6 बजे मुकेश शर्मा नामक एक युवक ने सीधे दुकान मालिक ललित सैनी को फोन मिलाया। मुकेश ने ललित से अपनी दुकान से पांच जोड़ी कपड़े उधार देने की मांग की और कहा कि वह इन कपड़ों का पूरा भुगतान अगले दो-तीन दिन के भीतर कर देगा।

चूंकि दुकान मालिक ललित सैनी दिल्ली में थे, इसलिए उन्होंने दुकान पर मौजूद कर्मचारियों को फोन कर स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकान से किसी को भी उधार कपड़े न दिए जाएं। मालिक के इस फैसले की जानकारी जब मुकेश शर्मा को मिली, तो वह आगबबूला हो गया। आरोप है कि मुकेश शर्मा ने फोन पर ही ललित सैनी के साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने आक्रामक लहजे में धमकी दी कि वह करीब दो घंटे बाद दुकान पर पहुंच रहा है। आरोपी ने दुकानदार को डराने के प्रयास में यह भी कहा कि वह अपनी मदद के लिए चाहे पुलिस को बुला ले या किसी और को, वह देख लेगा।

कांच का दरवाजा तोड़कर कर्मचारियों पर किया हमला

फोन पर दी गई धमकी के कुछ ही देर बाद आरोपी अपने अन्य साथियों को साथ लेकर दुकान पर धमक पड़े। दुकान पर पहुंचते ही आरोपियों ने हिंसक रुख अपना लिया। उन्होंने सबसे पहले दुकान के बाहर लगे कांच के बड़े गेट पर वार करके उसे पूरी तरह से तोड़ दिया। कांच टूटने के बाद आरोपी जबरन दुकान के भीतर घुस गए और वहां मौजूद निर्दोष कर्मचारियों के साथ मारपीट करने लगे। अचानक हुए इस हमले से दुकान के कर्मचारी सहम गए और पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष द्वारा तुरंत घटना की सूचना स्थानीय बस्सी थाना पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की स्पेशल टीमों ने अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर रात भर दबिश दी। पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी का नतीजा यह रहा कि वारदात के मात्र 16 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

बस्सी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिन छह आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनकी पहचान पुलिस द्वारा इस प्रकार बताई गई है:

  • मुकेश मीणा, निवासी रघुनाथपुरा
  • मुकेश शर्मा, निवासी बूज
  • आदित्य देवड़वाल, निवासी गड़
  • मनीष उर्फ गन्नी, निवासी भावपुरा
  • राहुल चौधरी, निवासी दामोदरपुरा
  • हेमंत मीणा, निवासी भावपुरा

दुकान पर कराया गया सीन रिक्रिएशन, व्यापारियों ने जताया आभार

सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के बाद बस्सी थाना पुलिस की एक टीम आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बस्सी स्थित उसी कपड़े की दुकान पर लेकर पहुंची। पुलिस ने घटना की कड़ियों को जोड़ने और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से आरोपियों की मौजूदगी में वारदात का सीन रिक्रिएशन कराया। इस प्रक्रिया के माध्यम से पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान किस आरोपी की क्या भूमिका थी और तोड़फोड़ की शुरुआत किस तरह की गई थी।

इस पूरे मामले की गहन जांच सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार द्वारा की जा रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) बलवान के साथ-साथ पुलिस की स्पेशल टीम के सिपाही राजेंद्र और मनोहर ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस की इस बेहद तेज और सख्त कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में व्यापारी बस्सी थाने और घटनास्थल पर एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के पक्ष में जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) हरजी लाल यादव और बस्सी थानाधिकारी सत्यपाल यादव से मुलाकात कर उनका आभार जताया। स्थानीय व्यापार मंडल का कहना है कि पुलिस की इस मुस्तैदी से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में भय व्याप्त होगा और कानून-व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।

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