रांची में छात्रों के उग्र प्रदर्शन की तैयारी
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा चरम पर है। लंबे समय से चल रहा यह छात्र आंदोलन अब एक बड़े प्रदर्शन में तब्दील होता दिख रहा है। सोमवार को छात्रों द्वारा विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर चलने के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है, जिससे गतिरोध बरकरार है। इस स्थिति को देखते हुए रांची प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। छात्रों के इस बड़े प्रदर्शन का सीधा असर शहर के सामान्य जनजीवन और शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ रहा है, जिसकी वजह से स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
स्कूलों में समय से पहले छुट्टी का फैसला
छात्रों के प्रस्तावित प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को ध्यान में रखते हुए रांची के कई निजी और सरकारी स्कूलों ने सोमवार को दोपहर 12 बजे छुट्टी करने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्ट मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें संभावित भीड़भाड़, जाम और प्रदर्शन वाले इलाकों से सुरक्षित दूर रखना ही बेहतर विकल्प है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सभी स्कूलों के लिए एक जैसा आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, बल्कि यह निर्णय स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन द्वारा लिया गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की दुविधा से बचने के लिए अपने बच्चों के स्कूल से संबंधित सूचनाओं और नोटिस को प्राथमिकता दें।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के विधानसभा घेराव की घोषणा के साथ ही पूरे विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कई मुख्य रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की है और सुरक्षा घेरा बनाने के लिए कंटीले तारों का भी इस्तेमाल किया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी स्थिति में प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न कर सकें। प्रशासन ने विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू करने के भी संकेत दिए हैं, जिससे आम लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। सुरक्षा इंतजामों के चलते शहर के कई इलाकों में यातायात के धीमा होने और कुछ मार्गों पर डायवर्जन की पूरी संभावना बनी हुई है।
छात्रों के मार्च और यातायात पर असर
सोमवार की सुबह से ही रांची के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और अभ्यर्थियों के इकट्ठा होने का सिलसिला शुरू हो सकता है। प्रदर्शनकारियों की योजना विधानसभा की ओर मार्च करने की है, जिसे रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सुरक्षा घेरे के बाहर ही रोका जाए, जिससे शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव बन सकता है। ऐसे में सामान्य यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे प्रदर्शन वाले संभावित रास्तों से बचकर वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें।
अभिभावकों के लिए अहम निर्देश
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोपहर 12 बजे छुट्टी का निर्णय एक एहतियाती कदम है। विशेष रूप से वे स्कूल जो विधानसभा मार्ग के निकट हैं, वहां के बच्चों के लिए यह व्यवस्था बेहद जरूरी है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की स्कूल से घर वापसी की समय सारणी को ट्रैक करें और प्रदर्शन के दौरान बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से रोकें।
आंदोलन की दिशा पर सबकी नजर
JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़ा विवाद अब काफी पुराना हो चुका है, लेकिन आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। एक तरफ प्रशासन की चुनौती व्यवस्था बनाए रखने की है, तो दूसरी तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। विधानसभा घेराव के इस बड़े कार्यक्रम के बाद सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या कोई समाधान निकलता है, इस पर न केवल प्रशासनिक बल्कि आम जनता की भी पैनी नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि छात्रों का यह आंदोलन और कितना तीव्र होता है या फिर किसी सार्थक चर्चा के साथ इसका समापन होता है।
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