आजकल की आम बातचीत, सोशल मीडिया विमर्श, नौकरी और मार्केटिंग के विज्ञापनों में जेन जेड, मिलेनियल्स, जेन एक्स और जेन अल्फा जैसे शब्द बहुत ज्यादा सुनने को मिलते हैं। विभिन्न पीढ़ियों को दर्शाने वाले इन शब्दों का इस्तेमाल काफी आम हो चुका है। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि अलग-अलग पीढ़ियों के ये नाम आखिर किसने रखे? आखिर जेन जेड में 'जेड' अक्षर का ही इस्तेमाल क्यों किया गया?
किसी सरकारी संस्था ने नहीं तय किए ये नाम
आमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि इन पीढ़ियों के नामकरण के पीछे कोई बड़ी वैश्विक या सरकारी संस्था काम करती होगी। हालांकि, वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। इन नामों को आधिकारिक तौर पर घोषित करने वाली कोई भी सरकारी एजेंसी या संस्था दुनिया में मौजूद नहीं है।
कैसे लोकप्रिय हुए पीढ़ियों के ये नाम?
इन पीढ़ियों के नामों के चलन में आने और इनके प्रसिद्ध होने की कहानी बेहद अनूठी है। ये नाम निम्नलिखित माध्यमों से धीरे-धीरे समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बने हैं:
- विभिन्न प्रसिद्ध लेखकों और विचारकों के लेखन के जरिए।
- सामाजिक और जनसांख्यिकीय बदलावों का गहराई से अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं द्वारा।
- विभिन्न वैश्विक मीडिया संस्थानों के समाचारों और लेखों में इनके बार-बार इस्तेमाल से।
- समाज के बदलते व्यवहार को दर्ज करने वाले सामाजिक शोधकर्ताओं के विमर्श से।
इन्हीं अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों और संस्थानों के प्रयासों और उनके द्वारा की गई चर्चाओं के कारण ये नाम धीरे-धीरे आम जनता के बीच लोकप्रिय होते चले गए। इस जानकारी के सामने आने के बाद, इन नामों के निर्धारण को लेकर समाज में रहने वाले सभी प्रकार के भ्रम अब पूरी तरह से दूर हो जाते हैं।
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