दतिया की जीत और बदलता सियासी मिजाज
मध्य प्रदेश की सियासत में जीत का स्वाद चखने के बाद कांग्रेसी खेमे में एक अजीब वाकया देखने को मिला है। दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने शानदार जीत दर्ज की, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल था। हालांकि, इस जीत का श्रेय लेने की होड़ के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। दतिया में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान मंच पर लगे मुख्य बैनर से ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की तस्वीर गायब थी। यह घटना अब पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और नेतृत्व के प्रति नजरिए को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रही है।
चुनाव में मेहनत और जीत का जश्न
दतिया उपचुनाव की प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण थी। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6061 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने दिन-रात एक करते हुए गांव-गांव जाकर प्रचार किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया था। उनकी मेहनत से ही कांग्रेस को इस उपचुनाव में एक संजीवनी मिली थी। जीत की खुशी में महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रचना सिंह द्वारा एक बड़े अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस मंच पर विधायक घनश्याम सिंह और प्रदेश महासचिव अवधेश नायक का भव्य स्वागत किया गया, लेकिन उसी मंच की शोभा बढ़ाने वाले पोस्टर में प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीर का न होना चर्चा का विषय बन गया है।
पोस्टर से किनारा या बड़ी भूल
समारोह के दौरान मंच पर लगे बैनर में स्थानीय स्तर के कई छोटे और बड़े नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित की गई थीं। इसके विपरीत, पार्टी के सर्वोच्च प्रदेश पदाधिकारी की तस्वीर को वहां से नदारद पाकर हर कोई दंग रह गया। क्या यह कोई सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था या फिर इसे महज एक चूक माना जाए, इस पर कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जिस नेतृत्व की प्रशंसा केवल दो दिन पहले तक संगठन की मजबूती के लिए की जा रही थी, उसे ही जश्न के माहौल में इस तरह हाशिए पर धकेल देना दतिया के सियासी समीकरणों की ओर इशारा करता है। राजनीति में चौबीस घंटे का समय भी तस्वीर बदलने के लिए कितना पर्याप्त होता है, यह दतिया का घटनाक्रम बखूबी बयां कर रहा है।
दतिया उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव साल 2023 के चुनाव के बाद पैदा हुई रिक्तता के चलते हुआ था। तब दतिया से कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने जीत हासिल की थी। हालांकि, बाद में उन्हें बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी विधायकी समाप्त हो गई। रिक्त सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया, जो जीत हासिल करने में सफल रहे। दूसरी ओर, राजेंद्र भारती पर पार्टी के खिलाफ भीतरघात करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते मतदान और मतगणना के बीच ही उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
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