देश के 5 हाई कोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिशों पर लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अपनी सिफारिशें भेजी हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

न्यायिक नियुक्तियों को लेकर बड़ी हलचल

देश की न्यायपालिका में बड़े बदलावों की तैयारी पूरी हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भारत के पांच प्रमुख हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर अहम सिफारिशें की हैं। इस निर्णय के साथ ही लंबित नियुक्तियों की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। कॉलेजियम द्वारा की गई इन सिफारिशों का उद्देश्य अदालतों के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाना है।

इन जजों के नाम पर बनी सहमति

कॉलेजियम ने जिन नामों की घोषणा की है, उनमें अनुभवी जजों को प्राथमिकता दी गई है। इन प्रमुख नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:

  • वी कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। वर्तमान में वे दिल्ली हाई कोर्ट में जज के रूप में कार्यरत हैं।
  • अश्वनी कुमार मिश्र को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • संजीव प्रकाश शर्मा के नाम को राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश के लिए चयनित किया गया है।
  • महेश चंद्र त्रिपाठी, जो इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज हैं, को अब बॉम्बे हाई कोर्ट की कमान सौंपी जा सकती है।
  • रविंद्र विठ्ठलराव घुगे, जो वर्तमान में बॉम्बे हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, को अब कलकत्ता हाई कोर्ट का पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।

मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर पर अब भी सस्पेंस

जहाँ एक ओर पांच हाई कोर्ट्स के लिए नामों की घोषणा ने न्यायिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, वहीं कुछ राज्यों को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट के लिए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इन दोनों उच्च न्यायालयों में पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का मामला अभी भी विचाराधीन है।

नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया

कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद अब नियुक्तियों की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी। इन सिफारिशों को संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। अंतिम नियुक्ति आदेश जारी होने से पहले सरकार और राष्ट्रपति स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी नामित न्यायाधीश अपने नए पदों पर कार्यभार संभाल लेंगे, जिससे इन अदालतों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और पेंडिंग मामलों के निपटारे में गति आएगी। देश भर के कानूनविद् अब इन सिफारिशों के अंतिम क्रियान्वयन पर नजरें टिकाए हुए हैं।

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