मुंबई में चमक-धमक की चाहत: फिल्म और सीरियल में काम करने के जुनून में घर से भागे दो नाबालिग, पुलिस ने बचाया

फिल्म और टेलीविजन की दुनिया में नाम कमाने के सपने लेकर असम और मध्य प्रदेश से मुंबई पहुंचे दो नाबालिगों को आरे पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

मायावती मुंबई में सपनों की तलाश में पहुंचे बच्चे

सपनों के शहर मुंबई की चकाचौंध से प्रभावित होकर हर साल हजारों लोग यहां आते हैं, लेकिन इस बार फिल्म नगरी से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिगों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है, जो अभिनय की दुनिया में अपना करियर बनाने के लिए बिना बताए घर से भाग आए थे। पुलिस ने इन बच्चों को सुरक्षित हिरासत में लेकर उनके परिजनों से संपर्क किया है। इन दोनों मामलों में एक लड़की और एक लड़का शामिल है, जो अपनी कम उम्र के बावजूद बड़े सपने लेकर मुंबई पहुंच गए थे।

असम से मुंबई तक का सफर

पहला मामला मुंबई के आरे पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक 15 वर्षीय लड़की मदद के लिए पहुंची। यह किशोरी असम से मुंबई फिल्म और सीरियलों में काम की तलाश में आई थी। जब उसे फिल्म सिटी के भीतर प्रवेश नहीं मिला, तो वह परेशान होकर आरे पुलिस थाने पहुंची। महिला पुलिसकर्मियों ने लड़की का भरोसा जीता और पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम प्रियांखी टूटू बोरा बताया। प्रियांखी असम के गोलाघाट जिले के बोकाखाट इलाके की रहने वाली है। उसने बताया कि वह 4 अगस्त 2026 को अपने परिजनों को बिना किसी पूर्व सूचना के घर से निकल गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया और अब उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है ताकि वह सुरक्षित रहे।

तारक मेहता का उल्टा चश्मा देखने का जुनून

दूसरी घटना फिल्म सिटी से जुड़ी है, जहां पुलिस को एक नाबालिग लड़का लावारिस हालत में मिला। आरे पुलिस की मोबाइल टीम ने उसे सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। नाबालिग ने अपनी पहचान पारस रतिराम वर्मा के रूप में बताई, जिसकी उम्र 16 साल है। पारस मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक के हिवरखेड़ी गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह लोकप्रिय टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में काम करने का सपना लेकर घर से भागा था। पारस ने बताया कि वह 6 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 2 बजे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था और नागपुर होते हुए मुंबई पहुंचा। उसने 7 अगस्त की सुबह गोरेगांव स्टेशन पहुंचकर पैदल फिल्म सिटी तक का सफर तय किया था। पुलिस की जानकारी के अनुसार, जब वह घर से निकला था तो उसने परिजनों को स्कूल जाने की बात कही थी। फिलहाल, लड़के के पिता उसे लेने के लिए मुंबई पहुंच रहे हैं और तब तक किशोर को आरे पुलिस स्टेशन में सुरक्षित रखा गया है।

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