मुर्शिदाबाद के सांसदों की मुख्यमंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठक
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के 2 सांसदों ने राज्य के सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस विषय पर अपनी कड़ी चिंता व्यक्त की। इस मुलाकात में मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहिर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान शामिल थे। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अबू ताहिर खान ने आरोप लगाया कि बंगाल में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाना एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण कदम है और उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुदाय को शांतिपूर्वक नमाज अदा करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।
कानूनी निर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाई का मुद्दा
जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ने इस विषय पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हालांकि वे अदालती निर्देशों के सम्मान के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरीके से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं, वह उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेशों का पालन होना चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया के नाम पर की जा रही कार्रवाई सही नहीं है। उन्होंने कहा, अदालत के निर्देशों का निश्चित रूप से पालन किया जाना चाहिए, लेकिन मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाना सही नहीं है। हमने सरकार से इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, 2024 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले अबू ताहिर खान ने दावा किया कि राज्य पुलिस इस मामले में अपनी सीमा से अधिक सक्रिय हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट अपील की है कि वे इस पूरे घटनाक्रम को रोकने के लिए दखल दें।
मतदाता सूची और SIR के लंबित मामलों पर चर्चा
मुलाकात के दौरान केवल लाउडस्पीकर का मुद्दा ही नहीं, बल्कि मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े न्यायाधिकरणों में लंबित पड़े मामलों पर भी लंबी चर्चा हुई। अबू ताहिर खान ने बताया कि जिले में कई ऐसे असली मतदाता हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं और वे अभी भी न्यायाधिकरण के अंतिम निर्णय की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक देरी का सीधा असर आम नागरिकों की जिंदगी पर पड़ रहा है। खान के शब्दों में, कई वास्तविक मतदाता, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, वे न्यायाधिकरण के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। देरी के कारण पासपोर्ट सत्यापन, जमीन का पंजीकरण और सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि इन मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जाए और पूरी प्रक्रिया को 31 दिसंबर तक संपन्न कर लिया जाए।
केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर दबाव की रणनीति
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का यह मुद्दा अब राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस विषय को लेकर काफी गहमागहमी रही है और विधायक नौशाद सिद्दिकी ने भी इसे पुरजोर तरीके से उठाया है। हाल ही में, गुरुवार को अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और मुर्शिदाबाद जिले के ही एक अन्य सांसद यूसुफ पठान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उस दौरान भी उन्होंने पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के विषय पर केंद्र का ध्यान आकर्षित किया था। इस प्रकार, मुर्शिदाबाद के सांसद अब राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र के सामने भी यह मांग मजबूती से रख रहे हैं कि इस समस्या का समाधान निकाला जाए और SIR संबंधित लंबित प्रक्रिया को निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
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