कोनी में लगा रहा हुजूम
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी इलाके में बीते 6 अगस्त को नजारा कुछ अलग ही था। सीजी दावेली नाम की दुकान के बाहर छात्रों और स्थानीय लोगों की इतनी लंबी कतार देखी गई कि वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति के मन में सवाल उठने लगा कि आखिर माजरा क्या है। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद किसी सरकारी भर्ती के लिए फॉर्म जमा करने या किसी अन्य जरूरी काम के लिए यह भीड़ जुटी है। लेकिन जब सच्चाई पता चली, तो हर कोई हैरान रह गया। दुकान के मालिक अतुल धीवर का उस दिन जन्मदिन था और उन्होंने अपने ग्राहकों के लिए एक खास तोहफा तैयार रखा था।
अनलिमिटेड दावत का सिलसिला
अतुल धीवर ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए क्षेत्र के लोगों और विशेषकर छात्रों को अनलिमिटेड वड़ा पाव खिलाने का फैसला किया था। सोशल मीडिया के माध्यम से जब यह जानकारी सार्वजनिक की गई, तो बड़ी संख्या में लोग दुकान पर पहुंच गए। यह सेवा शाम 4:30 बजे से शुरू होकर रात 8 बजे तक लगातार जारी रही। आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान कुल 3100 वड़ा पाव बांटे गए। इतना ही नहीं, जब वड़ा पाव की संख्या कम पड़ने लगी, तो उन्होंने करीब 700 से 800 आलू गुंडा भी ग्राहकों को खिलाए। लोगों को किसी भी मात्रा का प्रतिबंध नहीं था, वे जितनी बार चाहें उतनी बार दावत का लुत्फ उठा सकते थे।
ग्राहकों के प्रति आभार का अनूठा तरीका
अतुल धीवर के अनुसार, यह विचार उनके मन में ग्राहकों के साथ होने वाली हंसी-मजाक की बातचीत से आया। अक्सर ग्राहक उनसे मजाकिया लहजे में पूछते थे कि वे उन्हें मुफ्त में कब खिलाएंगे। इसी बात को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तय किया कि अपने जन्मदिन पर वह अपने ग्राहकों का कर्ज उतारेंगे। उनका कहना है कि साल भर वह ग्राहकों से पैसे लेकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराते हैं, लेकिन अपने जन्मदिन के दिन उनके लिए खर्च करना उन्हें परेशानी में नहीं बल्कि खुशी में डालता है। उनके लिए यह अपने ग्राहकों के प्रति स्नेह और आभार व्यक्त करने का एक जरिया है।
साल-दर-साल बढ़ता गया उत्सव
अतुल धीवर के लिए जन्मदिन पर खाना खिलाने का यह कोई पहला अनुभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्होंने अपने जन्मदिन पर करीब 1700 दाबेली बांटी थी। उससे पहले के आयोजन में उन्होंने लगभग 2000 दाबेली खिलाई थी। इस वर्ष उन्होंने अपने आयोजन का दायरा बढ़ाया और वड़ा पाव के साथ आलू गुंडा को भी शामिल किया। अपनी अगली योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल जन्मदिन के मौके पर वे ग्राहकों के लिए अनलिमिटेड पेटीज का आयोजन करेंगे।
2008 से शुरू हुआ सफर
अतुल धीवर का यह सफर काफी पुराना है। उन्होंने साल 2008 में एक छोटे से ठेले से दाबेली बेचने की शुरुआत की थी। मेहनत और ग्राहकों के प्यार की बदौलत आज उनका काम काफी बढ़ गया है। उन्होंने समय के साथ-साथ अपने मेन्यू में वड़ा पाव, पेटीज और अन्य स्नैक्स को भी जोड़ लिया है। आज कोनी इलाके में उनकी दुकान एक जाना-माना नाम बन चुकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जश्न
फ्री वड़ा पाव और आलू गुंडा की यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों और स्थानीय निवासियों ने न केवल इस दावत का आनंद लिया, बल्कि लाइन में खड़े होकर कई वीडियो भी बनाए। दुकान के आसपास मौजूद लोगों ने भी अपने मोबाइल कैमरों में इस भीड़ और खुशी के माहौल को कैद किया। अंत में अतुल धीवर ने सभी ग्राहकों का धन्यवाद अदा किया और कहा कि ग्राहकों का यही प्यार उन्हें हमेशा प्रेरित करता है।
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