समस्तीपुर के चंदन का 5 महीने से कोई सुराग नहीं, दो छोटे बच्चों की आंखों में हर दिन पिता की तलाश

बिहार के समस्तीपुर जिले से रोजगार के लिए मुंबई गए 36 वर्षीय चंदन कुमार राम बीते 9 मार्च 2026 से लापता हैं, जिससे उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और अनिश्चितता में है।

समस्तीपुर का एक परिवार गहरे सन्नाटे में

बिहार के समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित हरसिंगपुर गांव में पिछले पांच महीनों से एक अजीब सी खामोशी छाई हुई है। इस घर के दरवाजे पर एक मां की निगाहें आज भी टिकी हैं, जो उम्मीद लगाए बैठी हैं कि उसका बेटा लौट आएगा। परिवार का बड़ा बेटा और घर की जिम्मेदारियां संभालने वाला 36 वर्षीय चंदन कुमार राम पांच महीने पहले रोजगार की तलाश में घर से निकला था, लेकिन अब तक वह वापस नहीं लौटा है। घर की परिस्थितियां ऐसी हैं कि परिवार का हर सदस्य एक भयावह अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे चंदन

चंदन कुमार राम ने बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मुंबई जाने का फैसला किया था। घर से निकलते समय उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि वह जल्द ही वापस लौट आएंगे। परिवार के लोग भी इस उम्मीद में थे कि चंदन कुछ समय बाद घर लौटेंगे और सब कुछ सामान्य हो जाएगा। हालांकि, वक्त का पहिया कुछ इस तरह घूमा कि परिवार की खुशियां एक झटके में ओझल हो गईं। 9 मार्च 2026 की तारीख इस परिवार के लिए किसी काले साये की तरह आई, जब मुंबई के पोगांव इलाके से चंदन अचानक गायब हो गए।

मोबाइल बंद होने से बढ़ी चिंता

लापता होने की खबर मिलने के बाद से ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, उस दिन के बाद से चंदन का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है। उनका मोबाइल नंबर 7208891125 पिछले पांच महीनों से स्विच ऑफ है। न तो कोई फोन कॉल आया और न ही उनके बारे में कोई अन्य जानकारी मिल सकी है। परिवार के सदस्यों ने हर मुमकिन जगह उनकी तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क साधा, लेकिन हर कोशिश नाकाम साबित हुई। इस घटना ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़ कर रख दिया है।

मासूम बच्चों का सवाल, पापा कब आएंगे?

इस पूरे मामले का सबसे भावुक और दुखद पहलू चंदन के दो छोटे बच्चे हैं। पांच साल की बेटी अनुष्का और ढाई साल का बेटा आरव अभी इतने छोटे हैं कि वे इस गहरी त्रासदी को समझ नहीं सकते। वे अपनी मासूमियत में रोज अपनी मां निर्मला कुमारी से एक ही सवाल पूछते हैं कि, 'मम्मी, पापा कब आएंगे?' बच्चों के इस सवाल का सामना करना निर्मला कुमारी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उनकी आंखों में आंसू छलक आते हैं और उनके पास अपने बच्चों को देने के लिए कोई जवाब नहीं होता। वे बस एक मूक वेदना के साथ अपने पति के वापस लौटने का इंतजार कर रही हैं।

मां की अटूट प्रार्थना और उम्मीद

चंदन की मां के लिए उनका बेटा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके जीने का सहारा है। वे हर रोज सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं और अपने बेटे की सकुशल घर वापसी की प्रार्थना करती हैं। उनका मानना है कि उनका बेटा अभी भी कहीं जीवित है और एक दिन निश्चित रूप से वह अपने घर की चौखट पर वापस लौटेगा। इस उम्मीद के सहारे ही वे अपनी उम्र के इस पड़ाव पर दिन गुजार रही हैं। वहीं, निर्मला कुमारी हर रात इस आशा में सोती हैं कि शायद अगली सुबह कोई खुशखबरी सुनने को मिले, लेकिन हर दिन का सूरज वही पुराना इंतजार और खालीपन लेकर आता है।

परिवार की भावुक अपील

गांव के लोग भी चंदन के परिवार के साथ इस कठिन समय में खड़े हैं। सभी की सहानुभूति इस परिवार के साथ है और हर कोई चाहता है कि चंदन जल्द से जल्द सुरक्षित अपने घर लौट आएं। परिवार की तरफ से अब आम लोगों से एक भावुक अपील की गई है। यदि किसी भी व्यक्ति को चंदन कुमार राम के बारे में कोई भी जानकारी मिले या उन्होंने कहीं उन्हें देखा हो, तो कृपया तत्काल 9525951344 नंबर पर संपर्क करें। परिवार के लिए उनका लौटना ही उनकी पूरी दुनिया को वापस पाने जैसा होगा। पूरा परिवार बस उसी घड़ी का इंतजार कर रहा है जब घर का दरवाजा खुले और चंदन मुस्कुराते हुए वापस आ जाएं।

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