छत्तीसगढ़ सब इंस्पेक्टर परीक्षा: 'न्यूज' और 'हे राम' नाम के अभ्यर्थियों ने दी सफाई, CGPSC ने दी पूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के नतीजों में अजीब नामों को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच अब संबंधित अभ्यर्थी सामने आए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने इन नामों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

भर्ती परीक्षा में अजीब नामों से मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ में सुबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की गई भर्ती परीक्षा के शुरुआती नतीजों ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC की ओर से जारी मेरिट लिस्ट में जैसे ही 'News', 'Spacerani' और 'Manbas' जैसे नाम सामने आए, सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने लिस्ट के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए 'He Ram', 'Bhakt Prahlad', 'Tufail' और 'News' जैसे नामों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

विपक्ष ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल

इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की ओर से पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता की जांच की मांग की गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर एक पोस्ट के माध्यम से विष्णु देव साय सरकार पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में 'न्यूज' और 'Spacerani' नाम के सफल उम्मीदवारों को बधाई दी। बघेल ने कहा कि इससे पहले महतारी वंदन योजना के तहत सनी लियोन को लाभ मिलने का मामला सामने आया था और अब यह भर्ती परीक्षा एक और नई उपलब्धि है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन के विज्ञापनों के जरिए अपनी इस उपलब्धि का प्रचार करना चाहिए ताकि भविष्य में 'रेडियो' और 'SPACE राजा' जैसे नाम भी परीक्षाओं में उत्तीर्ण हो सकें।

अभ्यर्थियों का अपना पक्ष

विवादों के बीच, परीक्षा में उत्तीर्ण हुए तुफैल, हे राम और न्यूज नाम के अभ्यर्थी खुद मीडिया के सामने आए हैं। इन अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने वही नाम आवेदन पत्र में भरे थे जो उनकी मूल मार्कशीट में दर्ज हैं। इन अभ्यर्थियों का मानना है कि किसी के नाम को लेकर विवाद खड़ा करना अनुचित है। तुफैल ने जोर देकर कहा कि उनका नाम वास्तव में तुफैल है और उन्होंने अपनी पहचान के आधार पर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की थी।

CGPSC की तरफ से आया स्पष्टीकरण

विवाद के बढ़ते स्तर को देखते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। आयोग का कहना है कि परीक्षा परिणामों में अभ्यर्थियों के जो नाम प्रदर्शित किए गए हैं, वे वही हैं जो अभ्यर्थियों ने स्वयं ऑनलाइन आवेदन करते समय दर्ज किए थे और सबमिट किए थे। आयोग के अनुसार, इन नामों के आधार पर ही प्रारंभिक लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण यानी PST और दस्तावेज़ सत्यापन की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई है। आयोग के अवर सचिव ने साफ किया कि उम्मीदवारों के प्रवेश-पत्र यानी Admit Card में भी यही नाम अंकित थे। आयोग ने जनता और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और असत्य खबरों पर ध्यान न दें। किसी भी अधिकृत जानकारी के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को ही आधार माना जाना चाहिए।

परीक्षा के आंकड़े और भविष्य की राह

यह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा कुल 341 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इस भर्ती के लिए शुरुआती परीक्षा का आयोजन 12 जुलाई, 2026 को राज्य के सभी 33 जिलों में फैले 183 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा के नतीजे 4 अगस्त को घोषित किए गए, जिसमें कुल 7,301 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। आयोग के अनुसार, मुख्य परीक्षा संभावित रूप से 24 से 26 अक्टूबर के बीच आयोजित की जा सकती है।

पुराना इतिहास और ईडी की दखल

छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी CGPSC की परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में धांधली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था, जिसके कारण आयोग की कार्यप्रणाली लगातार चर्चा और जांच के केंद्र में रही है।

https://www.indiatv.in/chhattisgarh/cgpsc-sub-inspector-recruitment-list-sparks-row-over-unusual-candidate-names-in-chhattisgarh-2026-08-07-1235820