असम के हैलाकांडी जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके अपने ही घर के भीतर कथित तौर पर रेप करने के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पीड़िता का चेहरा कुचल दिया, किसी भारी वस्तु से उसके सिर पर वार किया और उसके गुप्त अंगों में रॉड जैसी चीज घुसा दी। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद पूरे असम की बराक घाटी में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और चौतरफा विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे प्रेम त्रिकोण यानी 'लव ट्राएंगल' का मामला हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई और पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
यह खौफनाक वारदात बीते शनिवार की रात आलोइचेरा इलाके में हुई, जब किशोरी का शव उसके घर में संदिग्ध अवस्था में मिला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच शुरू की। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) अमिताभ सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को सबसे पहले तीन किशोरों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक 17 साल का नाबालिग भी शामिल है। इन तीनों को अदालत में पेश कर 6 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान 23 साल के मनोज दास उर्फ राजदीप दास और 18 साल के सिराज दास के रूप में की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि हत्या से पहले किशोरी के साथ रेप किया गया था।
हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का गहरा शक
एसएसपी अमिताभ सिन्हा ने घटना के पीछे के संभावित कारणों का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मृतका का गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध था, जो इस खौफनाक हत्या की मुख्य वजह बना। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि लड़की का एक ही समय में उन दोनों के साथ अफेयर चल रहा था। इसी बात को लेकर आरोपियों के मन में रंजिश पैदा हुई और उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे डाला। हालांकि, पुलिस इस दावे की बारीकी से जांच कर रही है।
वारदात वाली रात क्या-क्या हुआ?
पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात को घर के सभी सदस्य पास में ही रहने वाले एक रिश्तेदार के घर पर आयोजित एक दावत में गए थे। मृतका की मां ने बताया कि उनकी बेटी भी उनके साथ उस समारोह में शामिल हुई थी, लेकिन वहां किसी बात को लेकर उसके ममेरे या चचेरे भाई से बहस हो गई। इस बहस के बाद वह असहज महसूस कर रही थी और रात करीब 10:30 बजे अकेले ही वापस घर लौट आई।
मां ने रोते हुए बताया कि उन्होंने सोचा था कि वे बाद में उसके लिए खाना लेकर घर चले जाएंगे। लेकिन जब वे करीब एक घंटे बाद, यानी लगभग 11:30 बजे घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लड़की का शव घर के भीतर खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसे पहचानना भी बेहद कठिन था। मां ने रुंधे गले से सवाल किया कि कोई इंसान किसी मासूम बच्ची के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकता है? उन्होंने आरोपियों के लिए केवल और केवल मौत की सजा की मांग की है। मृतका की बहन ने भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने दरिंदगी के बाद लाश को पूरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी मृतका को पहले से जानते थे और उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि परिवार के लोग कब घर से बाहर जा रहे हैं और घर कब खाली रहेगा। घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए पुलिस मोबाइल फोन कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (क्राइम) की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा गया है। उनके खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) (16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप)
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या)
- प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट, 2012 की धारा 6 (गंभीर यौन हमला या पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट)
एसएसपी सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामूहिक बलात्कार जैसी परिस्थितियां दिख रही हैं और इसमें पांच लोग शामिल थे, लेकिन शुरुआती जांच के मद्देनजर अभी तक गैंगरेप की विशिष्ट धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कानूनी धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस बर्बर कांड की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि दोषियों को बिना किसी देरी के फांसी के फंदे पर लटकाया जा सके।
https://www.indiatv.in/crime/minor-girl-horror-murder-in-assam-raped-crushed-head-rod-inserted-into-her-private-part-2026-08-06-1235666