दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट: 17 अगस्त तक एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं भरा तो जा सकता है नाम, जानें पूरी प्रक्रिया

दिल्ली में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत चुनाव आयोग ने साफ किया है कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है, अन्यथा मतदाता सूची से नाम कट सकता है।

दिल्ली में मतदाता सूची को लेकर विशेष अभियान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। भारतीय चुनाव आयोग इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट करने का काम कर रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों और उन लोगों के नाम हटाना है जो अब दिल्ली में नहीं रहते हैं। इसके साथ ही, नए मतदाताओं को अपना नाम सूची में जोड़ने का अवसर भी दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति दूसरे शहर से दिल्ली आया है और उसका नाम दो अलग-अलग जगहों की मतदाता सूची में दर्ज है, तो वह इस प्रक्रिया के दौरान किसी एक स्थान से अपना नाम हटवाकर सुधार कर सकता है।

प्रक्रिया और समय सीमा

देश के कई अन्य राज्यों में यह कवायद पहले ही पूरी की जा चुकी है, जबकि दिल्ली सहित कुछ स्थानों पर अभी भी यह काम जारी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 2002 की मतदाता सूची में नाम न होने के आधार पर किसी भी नागरिक को वोटर लिस्ट से पूरी तरह बाहर नहीं किया जाएगा। घर-घर जाकर किए जा रहे मतदाता सत्यापन और एकत्रित किए गए एन्यूमरेशन प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा होने के बाद, दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची 24 अगस्त को सार्वजनिक की जाएगी।

किन लोगों के नाम हो सकते हैं सूची से बाहर

चुनाव आयोग ने उन श्रेणियों को स्पष्ट किया है जिनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। केवल वही लोग मतदाता सूची से बाहर किए जाएंगे जिन्होंने अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है। साथ ही, उन लोगों के नाम भी हटाए जाएंगे जो भारत के मतदाता नहीं हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोगों को आयोग की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद, ये नागरिक अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी के नाम का विवरण देकर पुन: मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी का आधिकारिक बयान

दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे दिल्ली क्षेत्र में एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करने और उन्हें वापस इकट्ठा करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। 5 अगस्त को रात 8:00 बजे तक अधिकांश मतदाताओं का सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। आयोग ने एक विस्तृत सूची भी साझा की है जिसमें एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी सभी जानकारियां शामिल हैं। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना है कि यह पूरी कवायद एक पारदर्शी, त्रुटिहीन और समावेशी मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण

हाल ही में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने इस प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि आईआईटी से स्नातक और दिल्ली में कानून की पढ़ाई करने के बावजूद 2002 की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं था। भारती ने दिल्ली में करीब 20 से 30 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की चल रही अफवाहों पर भी सवाल उठाए थे। इन चिंताओं के जवाब में सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई मतदाता पिछली प्रक्रिया में अपना नाम नहीं पा सका है, तो वह अपने रिश्तेदारों का विवरण प्रस्तुत करके अपनी पात्रता साबित कर सकता है।

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