बहराइच में हाथियों का बढ़ता आतंक
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित कातेरीनाघाट वन प्रभाग इन दिनों जंगली हाथियों की गतिविधियों के कारण चर्चा में है। इलाके में हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है। हाल ही में कातेरीनाघाट के निशानगाड़ा रेंज स्थित नवीनपुरवा गांव में उस समय अफरातफरी मच गई, जब मल्ज्यूरिया ग्रुप के दो जंगली हाथी दिन के उजाले में ही धान के खेतों में आ धमके। अपनी आंखों के सामने हाथियों को फसल बर्बाद करते देख स्थानीय ग्रामीण काफी दहशत में आ गए और इलाके में हड़कंप मच गया।
गजमित्रों और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
हाथियों के आने की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों ने तुरंत गजमित्रों यानी ईपीजी ग्रुप को खबर की। सूचना पाकर गजमित्र गुरदास सिंह अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया। रेंजर शिव कुमार के नेतृत्व में वन रक्षक अब्दुल सलाम और उनकी पूरी टीम मौके पर पहुंची। वन कर्मियों, ग्रामीणों और गजमित्रों ने मिलकर हाका लगाया, जिसके बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता मिली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
सेठी फार्म में फसलों का भारी नुकसान
एक तरफ जहां दिन में हाथी देखे गए, वहीं दूसरी तरफ सेठी फार्म क्षेत्र में बीती रात जंगली हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। हाथियों के इस हमले में मीतपाल, बिहारी लाल और राजकुमार जैसे किसानों की कुल 4 बीघा धान की फसल पूरी तरह रौंदकर नष्ट कर दी गई। इस बर्बादी से किसान काफी डरे हुए हैं और उन्हें अपनी मेहनत के नुकसान का दुख है। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से मांग की है कि उनकी नष्ट हुई फसलों का तत्काल सर्वे किया जाए और सरकार की ओर से उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। रेंजर शिव कुमार ने बताया कि विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और गजमित्रों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कातेरीनाघाट वन का पारिस्थितिकी महत्व
कातेरीनाघाट वन का क्षेत्र भारत में दुधवा और किशनपुर बाघ अभयारण्यों के साथ-साथ नेपाल के बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। यह इलाका अपनी नाजुक तेराई पारिस्थितिकी के लिए जाना जाता है, जिसमें सागौन और साल के घने जंगल, विशाल घास के मैदान, दलदली भूमि और जल-निकाय शामिल हैं। यह वन क्षेत्र कई दुर्लभ और लुप्तप्राय वन्यजीवों का सुरक्षित आवास है। यहाँ घड़ियाल, बाघ, गैंडे, गंगा डॉल्फिन, दलदली हिरण, हिस्पिड खरगोश और बंगाल फ्लोरिकन जैसे जीव पाए जाते हैं।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/bahraich-two-elephants-stray-into-paddy-field-in-broad-daylight-driven-away-by-forest-team-and-2026-08-05-1235578