आस्था और सेवा की अनूठी मिसाल
उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से भक्ति और संस्कारों से भरी एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को त्रेता युग के श्रवण कुमार की याद दिला दी है। बार कस्बे के मोतीखेड़ा गांव के रहने वाले खुशीराम पाल ने अपने वृद्ध माता-पिता के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और प्रेम को जाहिर करते हुए उन्हें पालकी में बैठाकर 15 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा करवाई। इस यात्रा का गंतव्य प्रसिद्ध झूमरनाथ धाम था, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कराए। वर्तमान में सावन का पावन महीना चल रहा है, ऐसे में शिव भक्तों द्वारा गंगाजल से जलाभिषेक करने की परंपरा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच निकली यात्रा
मारुतीधाम, मोतीखेड़ा से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा बेहद खास रही। खुशीराम पाल ने यात्रा से पहले अपने माता-पिता को नए कपड़े पहनाकर तैयार किया। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पालकियों में बिठाया गया और खुशीराम ने स्वयं उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। इस सफर के दौरान उनके साथ ढोल-नगाड़ों की धुन बजती रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण हर-हर महादेव के नारों के साथ इस यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर भक्ति का माहौल बना रहा और लोग पूरे उत्साह के साथ इस यात्रा का हिस्सा बने रहे।
माता-पिता को ही माना अपना ईश्वर
इस अनोखी सेवा के पीछे के भाव को स्पष्ट करते हुए खुशीराम पाल ने बताया कि उनके लिए उनके माता-पिता ही सबसे बड़े भगवान हैं। उनकी लंबे समय से यह हार्दिक इच्छा थी कि वे अपने माता-पिता को स्वयं अपने कंधों पर बिठाकर झूमरनाथ धाम ले जाएं और उन्हें भोलेनाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कराएं। अपनी इस मन्नत को पूरा करने के बाद उन्होंने काफी सुकून और संतोष महसूस किया।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
यात्रा के दौरान दिनेश पाल ने बताया कि पालकी में सवार बुजुर्ग उनके दादा-दादी हैं। परिवार की दिली इच्छा थी कि उन्हें पूरे मान-सम्मान के साथ शिव के दर्शन कराए जाएं। इस पूरे रास्ते में ग्रामीणों ने इस अनोखी यात्रा का भव्य स्वागत किया। यात्रा देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। यह भावुक दृश्य इस समय सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोर रहा है और हर कोई खुशीराम पाल की सेवा भावना की प्रशंसा कर रहा है।
सावन में शिवभक्ति की बहार
वर्तमान में पवित्र सावन का महीना चल रहा है और चारों तरफ शिव भक्तों की धूम मची हुई है। सावन के आरंभ से ही भक्त घरों से निकलकर गंगाजल लाने में जुटे हैं, जिसे वे भगवान शिव को अर्पित कर रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। सावन का पहला सोमवार बीत चुका है, जबकि 10 अगस्त को दूसरा सोमवार है। वहीं, 11 अगस्त दिन मंगलवार को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा, जिस दिन भारी संख्या में शिव भक्तों के मंदिरों में उमड़ने की उम्मीद है।
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