संभल में कांवड़ यात्रा पर प्रशासन की सख्ती, तमन्ना मलिक को बुर्का न पहनने की अपील का नोटिस

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान बुर्का पहनने के मामले पर तमन्ना मलिक को नोटिस भेजा है। इस कदम का उद्देश्य किसी भी प्रकार के तनाव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।

कांवड़ यात्रा और बुर्के का विवाद

संभल जिला प्रशासन ने इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने तमन्ना मलिक को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे यात्रा के दौरान बुर्का न पहनने की अपील की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वह बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करती हैं, तो इससे क्षेत्र में कानून और शांति व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका हो सकती है। प्रशासन की ओर से इस नोटिस को पूरी तरह से एहतियाती कदम बताया जा रहा है ताकि किसी भी तरह का विवाद न हो।

महाशिवरात्रि के समय चर्चा में आया था मामला

यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब महाशिवरात्रि के दौरान तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी ने हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पूरी की थी। उस दौरान तमन्ना का बुर्का पहने हुए कांवड़ लाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इस घटना के बाद मामला काफी तूल पकड़ गया था और तमन्ना मलिक को विभिन्न मौलानाओं की तरफ से धमकियां मिलने लगी थीं। इस स्थिति को देखते हुए उनके पति अमन त्यागी ने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके बाद धमकी देने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

मन्नत पूरी होने पर शुरू की थी यात्रा

अपने पिछले अनुभव और कांवड़ यात्रा के महत्व पर बात करते हुए तमन्ना मलिक ने बताया था कि यह उनकी आस्था और मन्नत से जुड़ी यात्रा थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमन त्यागी से विवाह करने की मन्नत मांगी थी और जब वह पूरी हुई, तो उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए कांवड़ उठाई। तमन्ना मलिक बदनपुर बसई गांव की रहने वाली हैं और उन्होंने करीब चार साल पहले गांव के ही अमन त्यागी से विवाह किया था।

एसडीएम कोर्ट का नोटिस और जवाब

आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर संभल के उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी किया। इस नोटिस के मिलने के बाद अमन त्यागी अपने वकीलों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और इस पर अपना आधिकारिक जवाब दर्ज कराया।

व्यक्तिगत निर्णय और प्रशासन का पक्ष

सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अमन त्यागी ने कहा कि कांवड़ यात्रा उनकी धार्मिक आस्था का प्रश्न है और वे अपनी पत्नी के साथ यात्रा पर जरूर जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रा के दौरान किस तरह के कपड़े पहनने हैं, यह तमन्ना का निजी और व्यक्तिगत फैसला है और प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को गलत ठहराया है। वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनका मकसद किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाना नहीं है, बल्कि केवल इलाके में अमन-चैन और कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सतर्कता किसी भी संभावित विवाद को टालने के लिए बरती जा रही है।

https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/sambhal-administration-appeals-tamanna-malik-not-wear-burqa-during-kanwar-yatra-2026-08-05-1235369