सार्वजनिक संवाद का बड़ा मंच
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में दो साल के लंबे अंतराल के बाद दुनिया के सामने अपनी बात रखेंगी। वह नई दिल्ली से एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए सीधे तौर पर मुखातिब होंगी। आज का दिन विशेष है क्योंकि ठीक दो वर्ष पूर्व 2024 में इसी दिन उन्हें अपनी सत्ता छोड़नी पड़ी थी और वह भारत आई थीं। इस संबोधन में शेख हसीना भविष्य की अपनी रणनीतियों और बांग्लादेश में वापसी की संभावनाओं पर खुलकर चर्चा करने वाली हैं।
कार्यक्रम का विवरण
यह विशेष आयोजन फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के मथुरा रोड स्थित सिर मार्क टली ऑडिटोरियम में तय है। यह सत्र शाम 6 बजे से शुरू होकर 7:30 बजे तक चलेगा। जो लोग वहां मौजूद नहीं हो पाएंगे, वे इसे क्लब के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देख सकेंगे। 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब शेख हसीना किसी सार्वजनिक मंच से सीधे संवाद करेंगी।
सरकारी रुख और भारत की प्रतिक्रिया
शेख हसीना के इस संबोधन को लेकर पड़ोसी देश बांग्लादेश में खासी हलचल है। बांग्लादेश की ओर से भारत सरकार से उनके इस भाषण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, भारत सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि भारत का इस आयोजन से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम है और इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन भारत सरकार नहीं करती है।
सत्ता के पतन की पृष्ठभूमि
यह वर्चुअल कार्यक्रम शेख हसीना के 15 साल के शासनकाल के अंत की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है। 5 अगस्त 2024 को आरक्षण व्यवस्था के विरोध में छात्रों ने एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था, जो देखते ही देखते पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया। सरकारी दफ्तरों और परिसरों में प्रदर्शनकारियों के हिंसक प्रवेश के बाद शेख हसीना को अपना पद छोड़ना पड़ा और सुरक्षा कारणों से उन्हें भारत आना पड़ा। इस घटना ने उनके करीब 16 साल के लंबे राजनीतिक सफर पर विराम लगा दिया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी थी।
बदला हुआ बांग्लादेश
शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश की राजनीति ने पूरी तरह से करवट ले ली है। नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गठित अंतरिम सरकार का कार्यकाल फरवरी 2026 में आम चुनाव संपन्न होने के साथ समाप्त हुआ। इसके बाद सत्ता की बागडोर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के पास आई और तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए। वर्तमान में बांग्लादेश में इस बात को लेकर तीव्र चर्चा हो रही है कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री स्वदेश लौटती हैं, तो उनके साथ कैसी कानूनी या राजनीतिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस संबंध में बांग्लादेश सरकार के एक मंत्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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